सरकार सहेजेगी गुमनाम पुरातात्विक धरोहरें

Step toward beautification of Heritage Sites: देश (Country) में न जाने कितनी ऐसी धरोहर (Heritage) हैं। जो अब खंडहर का रूप ले चुकी है। लेकिन सरकार (Government) अब इन सभी छोटी-बड़ी धरोहरों को सहेजेगी। इसके लिए देश भर में नए सिरे से सर्वेक्षण (Survey) की योजना बनाई गई है। अभी तक देश में पुरातात्विक (Archaeological) महत्व के लगभग 36 सौ स्थल सूची में शामिल है। पुरातात्विक महत्व की छोटे-बड़े सभी स्थलों की पहचान की जाएगी और स्थलों के महत्व को देखते हुए इन्हें केंद्र और राज्य (Center & state) की सूची में शामिल किया जाएगा।

यह भी पढ़ें-उत्तराखण्ड- राज्य सरकार देगी प्रत्येक घरों को पानी की सुविधा, पढ़िये पूरी जल मिशन योजना
khandar
संस्‍कृति मंत्रालय (Ministry of Culture) ने इसको लेकर जल्द ही राज्यों के संस्कृति मंत्रियों की एक बैठक बुलाने की तैयारी की है। ताकि पुरातात्विक स्थलों को समय रहते संरक्षण हो सके। देश में काफी संख्या में ऐसे पुरातात्विक स्थल है जो अभी किसी भी सूची में शामिल नहीं है और इन पर लगातार अतिक्रमण बढ़ रहा है। देश में पुरातात्विक महत्व के स्थलों की संख्या इस सर्वेक्षण में काफी बढ़ जाएगी। इसकी संख्या लगभग 10 हजार तक पहुंच सकती है।

इस समय लोग पुरातात्विक धरोहरों (Archaeological Heritage) के संरक्षण की काफी मांग कर रहे हैं। और मंत्रालय ने भी सही समय पर पुरातत्व महत्व के स्थलों को सहेजने की मुहिम शुरू की है। केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर देश में उपस्‍थित ऐसे सभी स्थलों को देश के सामने लाना चाहती हैं।

उत्तराखंड की बड़ी खबरें