iimt haldwani

रुद्रपुर- भारतीयम में मची वार्षिकोत्सव की धूम, रंगारंग कार्यक्रमों के जरिये ऐसे मंच में दिखी पूरे विश्व की झलक

84

रुद्रपुर-भारतीयम विद्यालय में 25 मई को सातवां वार्षिकोत्सव बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अनिल शर्मा नेशनल अवार्ड प्राप्त प्रधानाचार्य बिड़ला विद्यामंदिर नैनीताल तथा विशिष्ट अतिथि एमटीवी रोडीज फेम के ओशन सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित करकिया। इस मौके पर आगंतुक अतिथियों का स्वागत विद्यालय प्रबंधक भारत गोयल, गुरजीत सिंह कामरा तथा प्रधानाचार्या शिखा गौतम ने पुष्पगुच्छ तथा स्मृति चिन्ह देकर किया। गणेश वंदना की मनमोहक प्रस्तुति के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारंभ हुए। वैश्विक एकता की थीम पर आधारित इस वर्ष का वार्षिकोत्सव बहुत ही हृदयस्पर्शी था। पहले विश्वयुद्ध की त्रासदी झेलते विश्व को दिखाया गया जिसमें एक नन्ही बालिका भगवान से कहती है – हे ईश्वर मैें ऐसे संसार में नहीं रहना चाहती हूं, जहॉ हिंसा एवं रक्त-पात हो। ईश्वर उससे कहते हैं कि मैंने एक सुंदर सृष्टि का निर्माण किया ताकि सभी प्राणी सुख एवं शांति से रह सकें किन्तु मनुष्य ने अपने स्वार्थ तथा लालच में अंधे होकर इसका बंटवारा कर दिया। नन्हीं बालिका भगवान की बातों पर अविश्वास व्यक्त करती है तब भगवान उसे समस्त विश्व का भ्रमण कराते हुए बताते हैं कि विश्व आज भी उतना ही सुंदर है। भगवान तथा नन्ही बालिका के वार्तालाप को सम्पूर्ण विश्व के विभिन्न नृत्यों एवं नृत्य-नाटिका के माध्यम से दर्शाया गया।

amarpali haldwani

 


सैपलिंग के छात्रों द्वारा इग्लैण्ड का बालरूम डॉस, कक्षा 1 तथा 2 के छात्रों द्वारा इटली, रूस, जापान, एवं चीन के डॉस फैन, डॉस बैलेट डॉस, मार्शल आर्ट की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। विश्व भ्रमण के इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए सीनियर छात्रों ने अफ्रीका के आदिवासी नृत्य एफो्रजैज, नार्थ अमेरिका का डॉस जैज, साउथ अमेरिका का डॉस स्ट्रीट हिप- हॉप तथा माइकल जैक्सन डॉस की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुति के साथ ही भारत के विभिन्न नृत्य डांडिया, पौराणिक कथाओं पर आधारित नृत्य छांव, क्लासिकल नृत्य आदि के माध्यम से ईश्वर की सुंदर कृति विश्व का मनोरम रूप प्रस्तुत किया।

नृत्यों के इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए भगवान के संदेश द्वारा यह भी बताने का प्रयास किया गया कि इस सुंदर सृष्टि केा मानव ने हिंसा रक्तपात के साथ ही पर्यावरण को भी अपने स्वार्थ के कारण प्रदूषित कर दिया है। युवी लाइट कार्यक्रम के अंतर्गत भारत-पाकिस्तान के मध्य हुए टी-20 वल्र्ड कप केा दर्शाया गया जिसके माध्यम से यह बताने का प्रयास किया गया कि खेलों द्वारा वसुधैव कुटुंबकम के भाव को पुनर्जीवित किया जा सकता है। सम्पूर्ण विश्व को सांस्कृतिक सदभाव के सूत्र में पिरोते मनमोहक नृत्यों ने सभी को भावविभोर कर दिया। भावी पीढ़ी को सुंदर विश्व देने के साथ ही शांति एवं विश्वबंधुत्व का संदेश देते कार्यक्रमों को देखकर दर्शकदीर्घा करतल ध्वनि से गूंज उठी।


विद्यालय की प्रधानाचार्या शिखा गौतम ने अपने भाषण में विद्यालय की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आठ वर्ष पूर्व 74 बच्चों के साथ विद्यालय प्रारंभ किया गया था आठ वर्षों के लघु अतंराल में ही जहां छात्र संख्या 1000 तक पहुंची है, वही कक्षा दसवी तथा कक्षा बारहवी में छात्रों ने शतप्रतिशत सफलता प्राप्त करने के साथ ही अनेक प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता प्राप्त करके विद्यालय का नाम रोशन किया है। इसरो के देशभर में से चयनित जूनियर साइंटिस्ट कार्यक्रम के लिए कक्षा दसवीं के छात्र रिशित अग्रवाल का चयन विद्यालय के लिए एक गौरवान्वित करने वाली उपलब्धि रही। इस वर्ष कक्षा बारहवीं में कौशल जोशी ने सर्वाधिक अंक प्राप्त किए तथा कक्षा दसवी में देशभर में पांचवा स्थान प्राप्त करके दीपक रौतेला ने विद्यालय का नाम रोशन किया।


गत वर्ष बोर्ड परीक्षा में देशभर में चौथा स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा काव्या अरोड़ा तथा कक्षा दसवीं बोर्ड परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र सोमेश पाण्डे के साथ ही सैंपलिंग से लेकर कक्षा ग्यारहवी तक के छात्रों को भी पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों में (सैपलिंग 3 बी) की समन्वी खन्ना सिद्धार्थ पाल, (1ब) जेन हमजा, (1ंअ) अदविता आठले, (2 अ) अहाना गोयल, (2 ब) सीरत कौर, (3 अ) हदयांश अरोरा, (3ं ब) तेजस जिन्दल, हबीबा (4 अ), श्रेया पुनेठा (4ं ब), यशिका जोशी (5 अ), मान्या अरोरा (5 ब), हिबा (6 अ), अदविका ढींगरा (6 ब), कार्तिकेय पुनवर (6 स), शांभव कौशिक (7 अ), तनिष्क कनौडिया (7 ब), अर्पिता सिंह (8 अ), रौनक बाठला (8 ब), ऋषित अग्रवाल (9 ब), वसुंधरा पंत (11 अ) के साथ ही सौ प्रतिशत उपस्थिति वाले छात्रों को भी पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पाठयेत्तर क्रिया-कलापों की वार्षिक ट्राफी कोलम्बियन सदन ने प्राप्त की।

मुख्य अतिथि अनिल शर्मा नेशनल अवार्ड प्राप्त प्रधानाचार्य बिड़ला विद्यामंदिर नैनीताल ने अपने उदबोधन में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही मनुष्य का सर्वांगीण विकास करती है एवं मनुष्य को समाज में एक विशेष पहचान दिलाती है। अत: छात्रों को जीवन के इस स्वर्णिम काल का सदुपयोग करके स्वयं की उन्नति के साथ ही समाज देश एवं विश्व की उन्नति में भागीदार बनना चाहिए। विद्यालय प्रबंधक भारत गोयल ने अभिभावकों का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि शिक्षा को नया आयाम देने का जो प्रयास भारतीयम विद्यालय द्वारा किया जा रहा है वह अभिभावकों के अमूल्य सहयोग तथा विश्वास के कारण ही संभव हो रहा है।

कार्यक्रम का संचालन अब्दुल सामी तथा मेधाली पाण्डे के दिशा-निर्देशन में छात्रों ने किया। इस अवसर पर राकेश गोयल, जसविन्दर सिंह कामरा, सरबजीत कौर, आशा गोयल, स्मृति गोयल, विवेक गोयल, महेश मित्तल डायरेक्टर जयपुरिया स्कूल, रंजना शाही प्रधानाचार्या डीपीएस स्कूल हल्द्वानी, रंजनीकांता बिष्ट प्रधानाचार्या स्वस्तयनं स्कूल हल्द्वानी, गायत्री कंवर प्रधानाचार्या बीएलएम एकडमी हल्द्वानी, विक्टर डॉसन प्रधानाचार्य माउटं लिटेरा जी स्कूल, सिस्टर मैरी जोंस सी जे प्रधानाचार्या माउट सेंट मैरी सहित विद्यालय के सभी अध्यापक एवं गणमान्य अतिथि मौजूद थे।