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रिटायरमेंट के बाद पैसों को लेकर जरूर रखें इन बातों का ध्यान, नहीं तो पड़ेगा पछताना

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जो लोग रिटायर हो चुके होते हैं उनके लिए एक बड़ी चुनौती होती है, वे लगातार सोचते हैं कि उनकी रिटायरमेंट सेविंग्स जीवनभर कैसे चले। यहां तक कि अगर कोई व्यक्ति बड़ी समझदारी से काम करते हुए बचत करता है और ठीक-ठाक रकम जुटा लेता है तो भी गारंटी नहीं है कि रिटायरमेंट के बाद लंबे समय तक वह रकम चलती रहे। रिटायरमेंट के बाद न सिर्फ आपकी जरूरतों बल्कि आपकी लाइफ स्टाइल भी आपके खर्च निर्धारित करती है। ऐसे में पहले से ही सुनिश्चित हो जाना चाहिए और रिटायरनमेंट प्लानिंग में रिटायरमेंट के बाद सभी प्रकार के खर्चों की भी गणना कर लेनी चाहिए। जानिए, आपको क्या करना चाहिए अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग –

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घटती है आमदनी

रिटायर होने के बाद एक तरफ मासिक आमदनी घट जाती है, वहीं स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च बढ़ जाते हैं। ऐसी स्थितियों में आपके लिए जीवन को मैनेज करना मुश्किल हो जाता है। यहां हम आपको बताते हैं कि रिटायरमेंट होने के बाद आपके लिए क्या-क्या वित्तीय जोखिम हो सकते हैं।

अधिक समय तक जीवित रहने का जोखिम

अनुमान से अधिक समय तक जीवित रहने की वजह से आपको फंड की कमी होने लगती है। इसे जीवन लंबा चलने का जोखिम कहते हैं।

महंगाई के असर का गलत कैलकुलेशन

महंगाई के असर की गणना किए बिना खर्च का अनुमान लगाने की वजह से भी आपको सीमित फंड में काम चलाने में मुश्किलें आती हैं. रिटायरमेंट प्लानिंग की यह सबसे बड़ी चुनौती है।

उम्र बढऩे के साथ ही दिक्कतें

उम्र बढऩे के साथ कुछ दिक्कतें खुद ही आती हैं। इनका पहले से अनुमान नहीं लगाना आपके लिए समस्या खड़ी कर सकता है। स्वास्थ्य और ट्रांसपोर्ट से जुड़े खर्च आमतौर पर इस उम्र में बढ़ जाते हैं। रिटायरमेंट की योजना पहले से ही बनाए रखना बेहतर फैसला होता है।

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ब्याज आय का रखना होगा ध्यान

अगर सही तरीके से प्लानिंग नहीं की जाए तो एन्युटी रेट में कमी का असर फंड पर पड़ता है। इसके साथ ही ब्याज दरों में कमी की वजह से भी आपको खर्च के लिए कम रकम मिल पाएगी। इससे रिटायरमेंट फंड पर दवाब बढ़ेगा।

फंड से बिना प्लानिंग के निकासी पड़ती है भारी

जमा फंड से बिना प्लानिंग के निकासी आपके रिटायरमेंट के शुरुआती दिनों में जरूरी लग सकती है, लेकिन इससे आपके फंड पर असर पड़ेगा। बाद के दिनों में आपको इस वजह से समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

परिवार

आप शादीशुदा हैं या नहीं, आपके पास बच्चे हैं या नहीं, इसके आधार पर अपने रिटायरमेंट की प्लानिंग करें। आपको अपने और अपने जीवनसाथी के लिए इतनी राशि का इंतजाम पहले ही कर लेना चाहिए ताकि देखभाल के भी खर्च आराम से भुगतान कर सकें।

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स्वास्थ्य है बहुत महत्त्वपूर्ण फैक्टर 

रिटायरमेंट प्लानिंग में स्वास्थ्य बहुत महत्त्वपूर्ण फैक्टर है लेकिन अधिकतर लोग इसे अधिक गंभीरता से नहीं लेते हैं। अधिकतर लोग यह मानकर चलते हैं कि जब वे रिटायर होंगे तो उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं होगी लेकिन वास्तविक में स्थिति इसके ठीक उलट होती है। हो सकता है कि आपको या आपके जीवनसाथी को बड़ी स्वास्थ्य समस्या हो जिसे जिंदगी भर उपचार की जरूरत पड़ेगी, ऐसी परिस्थिति में आपको पहले से प्लानिंग करके चलना है और बड़ी राशि भविष्य के लिए जुटाकर रखनी है।

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