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कविता-राष्ट्रभक्ति का संकल्प

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उत्तराखंड के लोकप्रिय वेब पोर्टल न्यूज टुडे नेटवर्क की ओर से स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आॅनलाइन कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसमें बाल, युवा और वरिष्ठ सभी वर्गों के लोग प्रतिभाग कर सकते हैं। प्रतियोगिता में मेरे प्यारे वतन विषय पर देशभक्ति से ओत.प्रोत स्वरचित कविता लिखकर 20 अगस्त तक भेजनी है। इसके तहत ईलाइट पब्लिक स्कूल गौलापार के प्रधानाचार्य योगेश जोशी की शानदार कविता पढ़िए-

राष्ट्रभक्ति का संकल्प लेकर हृदय में, यदि खड़ा हो देश सारा
संकटों को मात देकर विश्वविजयी होगा भारतवर्ष हमारा।
हिमालय की बुलंदियों से, हिंद महासागर तक रहती नित बहार,
कण-कण में ईश्वर बसता जिसके, रग-रग में देशभक्ति का प्यार।
मां की तरह अपने सभी बच्चों को करती असीम स्नेह और दुलार
हे विश्वगुरू! भारतभूमि तुम्हे प्रणाम बारंबार।
कोरोना, पाकिस्तान, चीन, नेपाल चाहे कितने ही महामारी रूपी दुश्मन क्यों ना आए लेकिन
सौगंध हमें इस मिट्टी की, हम तेरा मस्तक किसी हाल में झुकने न देंगे।
अंतिम सांस है जब तक शरीर में हमारे, मर मिटेंगे तेरी रक्षा में,
तिरंगा शान से फहराया है हमेशा फहराते रहेंगे।
जीवन-मरण के दौर में मुझको मिले जितने भी जन्म
राष्ट्र मुझे हिंदुस्तान ही स्वीकार्य है।
ऐ वतन! मुझे तुझसे बेतहासा प्यार है।

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