नई दिल्ली- केन्द्र सरकार ने अलगाववादियों से छीनी सुरक्षा, पुलवामा हमले के बाद उठाएं से सख्त कदम

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नई दिल्ली- न्यूज टुडे नेटवर्क: पुलवामा आतंकी हमले के बाद एक्शन में आई केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने कश्मीरी अलगाववादियों को मिली सुरक्षा छीन लेने का फैसला किया है। इन अलगाववादी नेताओं में हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेता मीरवाइज़ उमर फारूक, अब्दुल ग़नी बट्ट, बिलाल लोन, हाशिम कुरैशी, शब्बीर शाह शामिल हैं। बता दें कि सरकार की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, इन अलगाववादियों को मुहैया कराई गई सुरक्षा और दूसरे वाहन आज शामिल से वापस ले लिए जाएंगे। इसमें कहा गया है, किसी भी अलगाववादी को सुरक्षाबल अब किसी सूरत में सुरक्षा मुहैया नहीं कराएंगे। अगर उन्हें सरकार की तरफ से कोई अन्य सुविधा दी गई है, तो वह भी तत्काल प्रभाव से वापस ले ली जाएगी।

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आईएसआई और अन्य आतंकी संगठनों से साठगांठ

जानकारी मुताबिक अब पुलिस मुख्यालय किसी अन्य अलगाववादियों को मिली सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करेगा और उसे भी तत्काल वापस ले लिया जाएगा। यह कदम ऐसे समय लिया गया है, जब गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दो दिन पहले कहा था,’जम्मू कश्मीर में कुछ तत्वों का आईएसआई और अन्य आतंकी संगठनों से साठगांठ है। उन्हें मिली सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।’बता दें कि पुलवामा में गुरुवार को सीआरपीएफ की टुकड़ी पर किए गए फिदायीन हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले को लेकर देश भर में गम और गुस्से का माहौल है। हर तरफ यही मांग है कि जवानों की शहादत का बदला लिया जाए।

मोदी सरकार इसके लिए एक्शन में भी नज़र आ रही है। इस संबंध में शनिवार को सर्वदलीय बैठक के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घर पर एक अहम मीटिंग हुई। सूत्रों की मानें, तो इस मीटिंग में पुलवामा हमले का बदला लेने और पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने को लेकर अहम फैसले लिए गए हैं। इस दौरान नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA)अजीत डोभाल, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) चीफ अनिल धस्माना और इंटेलीजेंस ब्यूरो (IB)के एडिशनल डायरेक्टर, गृह सचिव, उमर अब्दुला समेत कई बड़े अधिकारी इस मीटिंग में मौजूद रहने की जानकारी है।

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