PMS Group Venture haldwani

अब प्राइवेट नौकरी करने वालों को खुश करने जा रही मोदी सरकार ये है बड़ी प्लानिंग

नई दिल्ली-न्यूज टुडे नेटवर्क : अगर आप प्राइवेट जॉब करते हैं, तो बस थोड़े दिन या महीनों का इंतजार कीजिए, क्योंकि आपके लिए केंद्र की मोदी सरकार एक बड़ी खुशखबरी लाने जा रही है, जिस पर चर्चा शुरू हो चुकी है। केंद्र सरकार चुनाव से पहले करोड़ों निजी कर्मचारियों को राहत देने की तैयारी कर रही है। खबरों की माने तो यह तैयारी इसी साल के अंत तक पूरी हो जाएगी और अगले साल जनवरी से यह लागू हो जाएगा या फिर उससे पहले ही। दरअसल, केंद्र की मोदी सरकार ग्रेच्युटी मिलने की सीमा को घटाने की तैयारी कर रही है।

job1

लेबर मिनिस्ट्री ने इंडस्ट्री से राय मांगी

सूत्रों के अनुसार इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है और लेबर मिनिस्ट्री ने इंडस्ट्री से इस पर राय मांगी है। मंत्रालय इस पर इंडस्ट्री की राय जानना चाहता है कि ऐसा करने पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। साथ ही इसे लागू किया जाता है तो क्या दिक्कत आ सकती हैं। मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि इस प्रस्ताव को सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के नए बोर्ड के सामने रखा जाएगा।

तीन साल रह सकती है समय सीमा

सूत्रों का कहना है कि पांच साल से कम करके ग्रेच्युटी मिलने की समय सीमा को घटाकर तीन साल किया जा सकता है। इसके अलावा ग्रेच्युटी की गणना के तरीकों में भी बदलाव पर विचार किया जा रहा है। हालांकि लेबर यूनियन की तरफ से ग्रेच्युटी की समय सीमा को और कम करने की मांग की जा रही है।

job

स्थायी कर्मचारी की तरह लाभ देने की तैयारी

इसके अलावा फिक्सड टर्म एम्पलाई (अनुबंधित कर्मचारी) को भी ग्रेच्युटी का लाभ देने की तैयारी है। भले ही ऐसे कर्मचारी का टर्म पांच साल से कम ही क्यों न हो। सामान्यतया अनुबंध एक साल या तीन साल का होता है। इस अवधि के पूरा होने पर नियोक्ता कंपनी कर्मचारी का रिन्यूअल कर देती हैं। ऐसे कर्मचारियों को अनुपातिक रूप से ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा। यानी जितने समय की सर्विस होगी उस अनुपात में नियोक्ता कर्मचारी को लाभ देगा। इसके लिए जरूरी नियमों में बदलाव की बात चल रही है।

क्या है ग्रेच्युटी

ग्रेच्युटी कर्मचारी के वेतन यानी सैलरी का वह हिस्सा है, जो कंपनी या आपका नियोक्ता, यानी एम्प्लॉयर आपकी सालों की सेवाओं के बदले देता है। ग्रेच्युटी वह लाभकारी योजना है, जो रिटायरमेंट लाभों का हिस्सा है और नौकरी छोडऩे या खत्म हो जाने पर कर्मचारी को नियोक्ता द्वारा दिया जाता है।

कोरोना पीड़ित संदिग्ध बोला डॉक्टर साहब मेरी जान बचा लो। देखिये अस्पताल में अंदर फिर क्या हुआ। मॉक ड्रिल अस्पताल की।