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दिल्ली- प्रधानमंत्री मोदी ने इसलिए “मन की बात” के लिए चुना था रेडियो, आज कही ऐसी बात

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नई दिल्ली,न्यूज टुडे नेटवर्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 50वें अंक में देश को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में 50 वर्ष पूरे होने पर उन्होंने देशवासियों और मीडिया को धन्यवाद दिया। पीएम ने कहा कि भारत का मूल-प्राण राजनीति अथवा राजशक्ति नहीं है बल्कि भारत का मूल-प्राण समाजनीति और समाज-शक्ति है. उन्होंने मन की बात कार्यक्रम में संविधान निर्माताओं को याद किया। पीएम मोदी ने इस 50वें एपिसोड में यह भी बताया कि आखिर क्यों वह रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को हर महीने संबोधित करते हैं। उन्होंने इस एपिसोज में समाज के सभी वर्गों की बात भी। पीएम मोदी ने कि मोदी आएगा और चला जाएगा, लेकिन यह देश अटल रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम का बहुत से लोग मजाक भी बनाते हैं, लेकिन देश का मन मेरा मन है। मोदी ने कहा, ‘कल ‘संविधान दिवस’ है । उन महान विभूतियों को याद करने का दिन जिन्होंने हमारा संविधान बनाया । 26 नवम्बर, 1949 को हमारे संविधान को अपनाया गया था । प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे यह देखकर के खुशी हुई कि ‘मन की बात’ के कारण रेडियो, और अधिक लोकप्रिय हो रहा है।

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मन की बात की खास बातें….

  • मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार
  • लोगों का कहना है कि अक्सर लोग आपको latest technology, Social Media और Mobile Apps के साथ जोड़ते हैं, लेकिन आपने लोगों के साथ जुडऩे के लिये रेडियो को क्यों चुना?
  • आपकी ये जिज्ञासा बहुत स्वाभाविक है कि आज के युग में, जबकि करीब रेडियो भुला दिया गया था उस समय मोदी रेडियो लेकर के क्यों आया ? मैं आपको एक किस्सा सुनाना चाहता हूं।
  • Communication की reach और उसकी गहराई, शायद रेडियो की बराबरी कोई नहीं कर सकता ये उस समय से मेरे मन में भरा पड़ा है और उसकी ताकत का मैं अंदाज करता था: पीएम
  • जब मैं प्रधानमंत्री बना तो सबसे ताकतवर माध्यम की तरफ़ मेरा ध्यान जाना बहुत स्वाभाविक था: पीएम
  • हाल ही में आकाशवाणी ने ‘मन की बात’ पर survey भी कराया। जिन लोगों के बीच survey किया गया है, उनमें से औसतन 70 प्रतिशत नियमित रूप से ‘मन की बात’ सुनने वाले लोग हैं: पीएम
  • अधिकतर लोगों को लगता है कि ‘मन की बात’ का सबसे बड़ा योगदान ये है कि इसने समाज में positivity की भावना बढ़ायी है: पीएम
  • indiapositive को लेकर व्यापक चर्चा भी हुई है। ये हमारे देशवासियों के मन में बसी positivity की भावना की, सकारात्मकता की भावना की भी झलक है: पीएम
  • लोगों ने अपना ये अनुभव भी शेयर किया है कि ‘मन की बात’ से volunteerism यानी स्वेच्छा से कुछ करने की भावना बढ़ी है: पीएम
  • मुझे यह देखकर के खुशी हुई कि ‘मन की बात’ के कारण रेडियो, और अधिक लोकप्रिय हो रहा है: पीएम
  • लोग टी.वी., एफ़.एम. रेडियो, मोबाइल, इन्टरनेट, फ़ेसबुक लाइव, और periscope के साथ-साथ NarendraModiApp के माध्यम से भी ‘मन की बात’ में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं: पीएम
  • मैं ‘मन की बात’ परिवार के आप सभी सदस्यों को इस पर विश्वास जताने और इसका हिस्सा बनने के लिये अंत:करणपूर्वक धन्यवाद देता हूं: पीएम
  • कुछ युवा मित्रों ने ‘मन की बात’ में आए सब विषयों पर एक study की. उन्होंने सारे episode का le&ical analysis किया और उन्होंने अध्ययन किया कि कौन से शब्द कितनी बार बोले गए ? कौन से शब्द हैं जो बार-बार बोले गए ? उनकी एक finding यही है कि यह कार्यक्रम apolitical रहा।
  • जब ‘मन की बात’ शुरू किया था तभी मैंने तय किया था कि न इसमें politics हो, न इसमें सरकार की वाह-वाही हो, न इसमें कहीं मोदी हो और मेरे इस संकल्प को निभाने के लिये सबसे बड़ा संबल, सबसे बड़ी प्रेरणा मिली आप सबसे।
  • मोदी आएगा और चला जाएगा, लेकिन यह देश अटल रहेगा, हमारी संस्कृति अमर रहेगी। 130 करोड़ देशवासियों की छोटी-छोटी यह कहानियां हमेशा जीवित रहेंगी। इस देश को नयी प्रेरणा में उत्साह से नयी ऊंचाइयों पर लेती जाती रहेंगी।
  • कब किसी सरकार की इतनी ताक़त होगी कि selfiewithdaughter की मुहिम हरियाणा के एक छोटे से गाँव से शुरू होकर पूरे देश में ही नहीं, विदेशों में भी फैल जाए: पीएम
  • समाज का हर वर्ग, celebrities सब जुड़ जाएं और समाज में सोच-परिवर्तन की एक नयी modern language में, जिसे आज की पीढ़ी समझती हो ऐसी अलख जगा जाये।
  • कभी-कभी ‘मन की बात’ का मजाक भी उड़ता है लेकिन मेरे मन में हमेशा ही 130 करोड़ देशवासी बसे रहते हैं। उनका मन मेरा मन है: PM
  • ‘मन की बात’ सरकारी बात नहीं है – यह समाज की बात है. मन की बात’ एक aspirational India, महत्वाकांक्षी भारत की बात है: पीएम
  • भारत का मूल-प्राण राजनीति नहीं है, भारत का मूल-प्राण राजशक्ति भी नहीं है। भारत का मूल-प्राण समाजनीति है और समाज-शक्ति है।
  • समाज जीवन के हजारों पहलू होते हैं उनमें से एक पहलू राजनीति भी है। राजनीति सबकुछ हो जाए, यह स्वस्थ समाज के लिए एक अच्छी व्यवस्था नहीं है: पीएम
  • भारत जैसे देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए जन-सामान्य की प्रतिभाएं पुरुषार्थ को उचित स्थान मिले, यह हम सबका एक सामूहिक दायित्व है और ‘मन की बात’ इस दिशा में एक नम्र और छोटा सा प्रयास है।
  • मैं मानता हूं ‘मन की बात’ के 50 episode की सबसे बड़ी सिद्धि यही है कि आप प्रधानमंत्री से नहीं, जैसे अपने एक निकट साथी से सवाल पूछ रहे हैं। बस, यही तो लोकतंत्र है।
  • Actuall ‘मन की बात’ मेरे लिए बहुत ही आसान काम है: पीएम
  • सच पूछो तो “मन की बात” में आवाज़ मेरी है, लेकिन e&amples, emotions और spirit मेरे देशवासियों के ही हैं. मैं ‘मन की बात’ में योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति को धन्यवाद देना चाहता हूं: पीएम
  • मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी की बातें पहले से कई गुना ज़्यादा मुझे मिलेंगी और ‘मन की बात’ को, और रोचक और प्रभावी और उपयोगी बनाएगी: पीएम
  • मैं आकाशवाणी, एफ़.एम. रेडियो, दूरदर्शन, अन्य T.V. channels, social media के मेरे साथियों को भी धन्यवाद देना चाहता हूं: पीएम
  • आकाशवाणी की टीम हर episode को बहुत सारी भाषाओं में प्रसारण के लिए तैयार करती है. कुछ लोग बखूबी regional languages में मोदी से मिलती-जुलती आवाज़ में और उसी लहज़े से ‘मन की बात’ सुनाते हैं। इस तरह से वे उस 30 minutes के लिए नरेन्द्र मोदी ही बन जाते हैं: पीएम
  • स्वच्छता, सडक़ सुरक्षा, drugs free India, selfie with daughter जैसे कई विषय हैं जिन्हें media ने innovative तरीके से एक अभियान का रूप देकर आगे बढ़ाने का काम किया: पीएम
  • T.V. channels ने इसको द्वmost watched radio programme बना दिया. मैं media का हृदय से अभिनन्दन करता हूं.आपके सहयोग के बिना ‘मन की बात’ की यह यात्रा अधूरी ही रहती: पीएम
  • कभी-कभी हमारे पूर्वाग्रह ही संवाद के लिए सबसे बड़ा संकट बन जाते हैं. स्वीकार-अस्वीकार और प्रतिक्रियाओं की बजाय किसी की बात को समझना मेरी प्राथमिकता रहती है: पीएम
  • आज के युवाओं की यही खूबी है कि वो ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे जिस पर स्वयं उन्हें विश्वास नहीं हो और जब वो किसी चीज़ पर विश्वास करते हैं तो फिर उसके लिए सब कुछ छोड़छाड़ कर उसके पीछे लग जाते हैं: पीएम
  • अधिकतर परिवारों में teenagers से बातचीत का दायरा बड़ा सीमित होता है. अधिकतर समय पढ़ाई की बातें या फिर आदतों और फिर lifestyle को लेकर ‘ऐसा कर- ऐसा मत कर’ बिना किसी अपेक्षा के खुले मन से बातें, धीरे-धीरे परिवार में भी बहुत कम होती जा रही है और यह भी चिंता का विषय है।
  • अलग-अलग कार्यक्रमों या फिर cocial Media के माध्यम से युवाओं के साथ लगातार बातचीत करने का मेरा प्रयास रहता है: पीएम
  • ‘मन की बात’ के माध्यम से मैं युवाओं के प्रयासों को, उनकी बातों को, ज्यादा से ज्यादा साझा करने का प्रयास करता हूं : पीएम
  • मेरा मानना है कि युवाओं के पास बर्बाद करने के लिए समय नहीं है. यही वो चीज़ है जो आज के नौजवानों को अधिक innovative बनने में मदद करती है, क्योंकि, वे चीज़ों को तेज़ी से करना चाहते हैं: पीएम
  • हमें लगता है आज के युवा बहुत महत्वाकांक्षी हैं और बहुत बड़ी-बड़ी चीज़ें सोचते हैं. अच्छा है, बड़े सपने देखें और बड़ी सफलताओं को हासिल करें – आखिर, यही तो NewIndia है: पीएम
  • मैं कहता हूं – युवा multitasking में पारंगत हैं. अगर हम आस-पास नजऱ दौड़ायें तो वो चाहे Social Entrepreneurship हो, Start-Ups हो, Sports हो या फिर अन्य क्षेत्र – समाज में बड़ा बदलाव लाने वाले युवा ही हैं।
  • अगर हम युवाओं के विचारों को धरातल पर उतार दें और उन्हें अभिव्यक्त करने के लिए खुला वातावरण दें तो वे देश में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं: पीएम
  • कल ‘संविधान दिवस’ है। उन महान विभूतियों को याद करने का दिन जिन्होंने हमारा संविधान बनाया. 26 नवम्बर, 1949 को हमारे संविधान को अपनाया गया था: पीएम
  • संविधान draft करने के इस ऐतिहासिक कार्य को पूरा करने में संविधान सभा को 2 वर्ष, 11 महीने और 17 दिन लगे: पीएम
  • कल्पना कीजिये 3 वर्ष के भीतर ही इन महान विभूतियों ने हमें इतना व्यापक और विस्तृत संविधान दिया. इन्होंने जिस असाधारण गति से संविधान का निर्माण किया वो आज भी time management और productivity का एक उदाहरण है: पीएम
  • संविधान सभा देश की महान प्रतिभाओं का संगम थी, उनमें से हर कोई अपने देश को एक ऐसा संविधान देने के लिए प्रतिबद्ध था जिससे भारत के लोग सशक्त हों, गऱीब से गऱीब व्यक्ति भी समर्थ बने: पीएम
  • हमारे संविधान में खास बात यही है कि अधिकार और कर्तव्य यानी Rights and Duties, इसके बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है.
  • वर्ष 2020 में एक गणतंत्र के रूप में हम 70 साल पूरे करेंगे और 2022 में हमारी आज़ादी के 75 वर्ष पूरे हो जायेंगे: पीएम
  • संविधान सभा के बारे में बात करते हुए उस महापुरुष का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता जो संविधान सभा के केंद्र में रहे. ये महापुरुष थे पूजनीय डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर. 6 दिसम्बर को उनका महा-परिनिर्वाण दिवस है: पीएम
  • देश अगले वर्ष गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती समारोह को भव्य रूप से मनायेगा। इसका रंग देश ही नहीं, दुनिया-भर में बिखरेगा: पीएम
  • मुझे विश्वास है कि आज ‘मन की बात’ के इस कार्यक्रम के पीछे की भावनाओं को मुझे पहली बार आपके समक्ष कहने का मौका मिला क्योंकि आप लोगों ने ऐसे ही सवाल पूछे लेकिन हमारी यात्रा जारी रहेगी: पीएम
  • आपका साथ जितना ज्यादा जुड़ेगा, उतनी यात्रा हमारी और गहरी होगी और हर किसी को संतोष देनेवाली मिलेगी: पीएम