भविष्यवाणी : जहरीले हो रहे महासागर, तबाही में डूबने वाला है भारत का आधा हिस्सा, वैज्ञानिकों ने किया दावा

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नई दिल्ली-न्यूज टुडे नेटवर्क : ग्लोबल वार्मिंग की समस्या शुरू से ही बनी हुई है। लेकिन अब यह समस्या तेजी से बढ़ते नजर आ रही है इस बात में सहमति अर्थ साइंस कॉन्फ्रेंस की हालिया रिपोर्ट ने दी है। इसके मुताबिक पूर्वी अंटार्कटिका में ग्लेशियर पिछल रहे हैं। ऐसा होना गर्मियों के लिए आम माना जाता है लेकिन सर्दियों में इसका होना सबसे आश्चर्यजनक बात है। अमेरिकी वैज्ञानिकों के मुताबिक आर्थिक और अंटार्कटिक दोनों ध्रुव का तापमान बढ़ रहा है। राष्ट्रीय समुद्री वातावरण प्रशासन का मानना है कि बर्फ के पिघलने से तापमान बढ़ रहा है। जिससे पानी में जहरीले शैवालों की संख्या बढऩे से पानी जहरीली होते जा रही है।

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कहते हैं कि पर्यावरण में कोई भी बदलाव आता है तो आम लोगों की जिंदगी के साथ साथ पशु पक्षियों के जिंदगी में भी असर होता है। पक्षीविज्ञानी जॉर्ज डिवोकी का कहना है कि इस साल कई बदलाव देखने को मिले हैं। ब्लैक गिलिमॉट के जोड़ों ने पिछले साल 225 घोसले बनाए थे। लेकिन इस साल मात्र 85 पक्षी ही आइलैंड पहुंचे, 50 मादा ने अंडे दिए। इनसे जन्मे 25 बच्चे ही जिंदा रहे। इसका मुख्य कारण बर्फ का घटना बताया जा रहा है। इसके साथ ही वैज्ञानिकों ने देखा है कि 30 सालों में 95 प्रतिशत बर्फ की मोटाई कम हुई है।

ग्लोबल वार्मिंग से पक्षी और पशु खत्म हो रहे हैं

साल 1985 में आर्कटिक का छठा हिस्सा सिर्फ बर्फ था। जो कि अब सौवां हिस्सा बन गया है। नासा के पूर्व वैज्ञानिक ने देखा कि आर्कटिक का रंग सफेद से नीला हो गया है। उनके मुताबिक, तापमान बढऩे से जहरीले शैवाल बढ़ रहे हैं। यह बदलाव उत्तरी हिस्से में ज्यादा दिखाई दे रहा है। जिसके वजह से पक्षी, स्तनधारी और मछलियों पर इसका उल्टा असर पड़ रहा है। जिससे पक्षियों की संख्या कम होते दिखाई दे रही है।

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भारत पर भी खतरा मंडरा रहा है

भारत देश पर भी अब खतरा मंडराने लगा है। आपको बता दें कि अगर बर्फ पिघलती है तो घरती पर पानी बढऩे लगेगा और तब भारत के कई सारे राज्य जल में डूबते हुए नजर आने वाले हैं। भारत के आधे राज्य पूरी तरह से समुद्र में डूब सकते हैं।

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