पीएम मोदी के इस अभियान में शामिल हुआ नैनीताल, पर्यावरण बचाने को लेकर शुरू हुई ये खास पहल

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देश में लगातार बढ़ रही पानी की किल्लत पर काबू पाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात में सभी देश वासियों को जल की बरबादी न करने की सलाह पहले ही दें चुके है। प्रधानमंत्री द्वारा की गई घोषणा के बाद पूरे देश में जल शक्ति अभियान की शुरूआत आज से हो चुकी है। भारत के कई जिलों में शुरू हो चुके इस अभियान में उत्तराखंड के नैनीताल जिले को भी भारत सरकार द्वारा शामिल किया गया है। जिसके बाद आज हल्द्वानी के रानीबाग स्थित एचएमटी परिसर में वन महोत्सव एवं जल शक्ति अभियान का शुभारम्भ किया गया। इस दौरान पौधारोपण कार्यक्रम के साथ ही जल शक्ति जनजागरूकता वाहन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

PM Modi jal shakti abhiyan

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इस दौरान नैनीताल के सीडीओ विनीत कुमार ने जनाकारी दी कि 1 जुलाई से शुरू हुए इस अभियान को 15 सितंबर तक पूरे देश में चलाया जाएगा। जिसकी देख-रेख के लिए भारत सरकार की ओर से कई टीमों का गठन भी किया गया है। जो समय-समय पर हर जिले में जाकर जल शक्ति अभियान के तहत किये जा रहे कार्यों का निरीक्षण करेंगी। जिसके अंतर्गत वाटरहोल, रेनवाटर, हार्वेस्टिंग और माइक्रो तालाब बनाकर जल संरक्षण के लिए अनेक कार्य किये जायेंगे। उन्होनें कहा कि जल स्त्रोंतो की सुरक्षा के लिए सभी सम्बन्धित विभागों को समन्वय एवं सहयोग के लिए प्रेरित किया जायेगा।

पांच साल का लक्ष्य होगा पूरा

नैनीताल विधायक संजीव आर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के तहत व्यापक पैमाने पर जनपद में जल संरक्षण का कार्य किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पेयजल का हमें दुरूपयोग नही करना चाहिए, जल की एक-एक बूंद महत्वपूर्ण है। विधायक संजीव आर्य ने कहा कि जल शक्ति विभाग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पांच साल के लक्ष्य के तहत बनाया गया है। जिसके तहत पांच सालों में देश के हर घर में जल की सुविधा उपल्बध कराई जाएगी। इसके साथ ही देश में तेजी से बढ़ रही पानी की किल्लत को देखते हुए अधिक वृक्षों को लगाया जाएगा। साथ ही जिले के सभी पुरानी नहरों, कुएं, चाल-खालों, तलाबों को भी पुनर्जीवित किया जाएगा। आर्य ने कहा यह तभी सार्थक होगा जब हम जल संरक्षण के असली महत्व को समझकर उसे अपने जीवन मे शामिल करेंगे।

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वही कार्यक्रम में मौजूद जिला पंचायत सुमित्रा प्रसाद ने कहा कि हमें भूमिगत जल स्त्रोतों मे बढोत्तरी करनी होगी इसके लिए हमें वृक्षारोपण, चैकडैम,कन्टर ट्रैंच व चाल खाल विकसित करनी होगी तभी हम जल का संचय करते सकते है।
वही मेयर डा. जोगेन्दर पाल सिह रौतेला ने कहा कि पूरा देश जल संचय के मुददे पर एकजुट है क्योकि जल ही जीवन है। यह जीवन को जीने के लिए बुनियादी आवश्यकता है इसके बावजूद हम जल का व्यर्थ बहाव करते है हम अभी भी इसके महत्व को नही समझ पाये है। इसके लिए हमें जागरूकता के साथ ही जनसभागिता भी बनानी होगी।

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