हल्द्वानी- 4.36 करोड़ की लागत से तैयार हुए अरण्य भवन का वन मंत्री ने किया लोकार्पण, होंगे ये फायदे

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हल्द्वानी- न्यूज टुडे नेटवर्क: उत्तराखण्ड के वन मंत्री हरक सिंह रावत ने आज हलद्वानी में वन विभाग के नव निर्मित कार्यालय अरण्य भवन का उद्घाटन किया। बता दें इस भवन में वन संरक्षक पश्चिम वृत्त सहित तीन अधिकारियों के कार्यालय बनाए गए हैं। इसके अलावा विभागीय कार्यों के लिए अरण्य भवन अधिकारियों का कलेक्शन सेंटर भी रहेगा, लोकार्पण के बाद वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि अब तक कई विभागों के अधिकारी अलग-अलग कार्यालयों से कार्य कर रहे थे लेकिन अब एक भवन के भीतर सभी अधिकारी कार्य करेंगे जिससे विभागीय कार्यों में भी तेजी आएगी। रामपुर रोड स्थित नवनिर्मित इस भवन में वन सरंक्षक पश्चिमी के साथ ही सीसीसीएफ वर्किंग प्लान व अपर प्रमुख वन सरंक्षक अनुसंधान कार्यालय भी संचालित होंगे।

4.36 करोड़ की लागत से तैयार हुआ भवन


रामपुर रोड में 4.36 करोड़ से बने अरण्य भवन का लोकार्पण वन मंत्री हरक सिंह रावत व नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने फीता काटकर किया। इस मौके पर मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना व हवन का आयोजन भी किया गया। इस दौरान वन मंत्री ने बताया कि इस भवन का निर्माण कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम ने किया है। उन्होंने बताया कि अभी तक वन संरक्षक कार्यालय तिकोनिया गेस्ट हाउस तथा वर्किंग प्लान व अपर प्रमुख वन संरक्षक अनुसंधान कार्यालय एफटीआई स्थित छात्रावास में संचालित हो रहे थे। इस भवन के बनने के बाद वन विभाग के अफसरों के साथ ही कर्मचारियों को भी सहूलियत होगी।

अवैध खनन पर लगेगा अंकुश

प्रदेश सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्री हरक सिंह रावत ने एफटीआई के शताब्दी हॉल में वन तथा खनन विभाग के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। इस दौरान अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का नज़रिया पूरी तरह से साफ व स्पष्ट है कि जनता को उप खनिज सस्ता मिले व बाजार भाव न बढ़े, नियमानुसार पूरी पारदर्शिता से उप खनिज का चुगान हो। उन्होंने कहा कि उप खनिज के चुगान का कार्य इस प्रकार किया जाये कि पर्यावरण को नुकसान न हो तथा राज्य सरकार के राजस्व में वृद्धि भी हो।

उन्होंने अवैध खनन पर अंकुश लगाने तथा अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए कहा कि अवैध खनन से राज्य सरकार को राजस्व की हानि होने के साथ ही अनियोजित ढंग से किया गया खनन पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने नदियों में खनन क्षमता के अनुसार ही खनन कराने के निर्देश दिये। साथ ही खनन कार्य करने वाले मजदूरों को नियमानुसार समय से पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करायी जाने की भी बात उन्होंने बैठक के दौरान कहीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बाजार में उप खनिज की बिक्री में प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए ताकि जनता को अपने भवन निर्माण के लिए उप खनिज सस्ता व आसानी से मिल सके। उन्होंने इस कार्य हेतु विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिये।