PMS Group Venture haldwani

नई दिल्ली-एसडीएम साहिबा ने ऐसे खोल दिये एडीएम साहब के राज, रोज चिकन और दारू मांगने की बात पहुंची शासन तक

नई दिल्ली-मध्य प्रदेश के गुना क्षेत्र में एक अजीब मामला सामने आया। यहां एक एडीएम को चिकन और शराब मांगना महंगा पड़ गया। बताया जा रहा है कि यहां गुना की एसडीएम शिवानी गर्ग ने जिले के अपर कलेक्टर दिलीप मंडावी पर ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ कर्मचारियों और ग्रामीणों से रोज शाम शराब और चिकन मांगने का आरोप लगाया था। एसडीएम ने कहा कि एडीएम रोजाना ग्रामीण इलाकों में पदस्थ कर्मचारियों से चिकन और शराब मंगाते हैं और न पहुंचाने पर उन्हें फोन कर डांट लगाते है। जिसके बाद एसडीएम की शिकायत पर राज्य शासन ने एडीएम को हटा दिया है। आरोप से घिरे अपर कलेक्टर दिलीप मंडावी को राज्य शासन ने हटा कर मंत्रालय में अटैच कर दिया है।

व्‍हाट्सएप गु्रप में एसडीएम ने डाला मैसेज

एसडीएम शिवानी गर्ग ने यह मैसेज जिले के एक ऑफिशियल व्‍हाट्सएप गु्रप पर डाला। एसडीएम ने लिखा था कि कृपया ध्यान दें, समस्त पटवारी, आरआई, नायब तहसीलदार और तहसीलदार साहिबान ध्यान दें। अगर आप में से किसी ने भी किसी भी स्तर पर एडीएम को दारू, चिकन आदि पहुंचाया, तो मेरे द्वारा आपके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और अनाधिकृत लाभ पहुंचाने संबंधी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। जैसे ही यह मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पूरे प्रशासनिक महकमे में हडक़ंप मच गया। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को जैसे ही इस पूरे मामले की जानकारी मिली तो एसडीएम ने गु्रप में शामिल सभी कर्मचारियों को बुलाया और मैसेज डिलीट करवा दिया, लेकिन तब तक मामला तूल पकड़ चुका था और बात प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों तक जा चुकी थी।

वायरल हुआ मैसेज तो हुई कार्यवाही

एसडीएम का यह मैसेज प्रशासनिक गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि उन्होंने अपने से वरिष्ठ अधिकारी पर दारू और चिकन के सीधे-सीधे गंभीर आरोप लगा दिए हैं। कुछ लोग इसे अनुशासनहीनता भी मान रहे हैं, तो कुछ कह रहे हैं कि अपर कलेक्टर और एसडीएम के बीच सामंजस्य नहीं है। एसडीएम शिवानी ने बताया कि यह मैसेज तो पुराना हो गया है। एडीएम साहब की ऊल-जुलूल फरमाइशें रहती थीं। रोज बेचारे पटवारियों को परेशान करते थे। इसलिए हमने ग्रुप में डाला। दो-ढाई महीने हमारा अमला परेशान रहा। पटवारियों ने इसके लिए कलेक्टर साहब को ज्ञापन भी दिया था। अभी वर्तमान में तो उनके द्वारा कोई ख्वाहिश नहीं की जा रही है।

कोरोना पीड़ित संदिग्ध बोला डॉक्टर साहब मेरी जान बचा लो। देखिये अस्पताल में अंदर फिर क्या हुआ। मॉक ड्रिल अस्पताल की।