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नई दिल्ली-ऋषभ पंत को शामिल न करना चयनकर्ताओं की सबसे बड़ी भूल-रैना, टीम इंडिया को ऐसी खलेगी पंत की कमी

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नई दिल्ली- 30 मई से शुरू होने वाले विश्वकप टूर्नामेंट के लिए कई टीमें अभ्यास मैच खेल चुकी हैं। जिसमें कई टीमों को हार का सामना करना पड़ा। उनमें से एक भारत भी है जिसकी बल्लेबाजी पहले ही मैच में ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। ज्यादातर टीमों ने कलाई के स्पिनरों और खब्बू तेज गेंदबाजों को टीम में जगह दी है। ऐसे में इनसे पार पाना भारत के लिए मुश्किल काम होगा। दो विश्वकप खेल चुके भारतीय टीम के बल्लेबाज सुरेश रैना का मनना है कि कलाई के स्पिनरों की काट बांये हाथ का बल्लेबाज होता है। ऐसे में टीम इंडिया के मध्यक्रम में कोई भी बांये हाथ का बल्लेबाज नहीं है जो चयनकर्ताओं की सबसे बड़ी चूक है। इस विश्वकप में ऋषभ पंत का चयन न करना भारतीय चयनकर्ताओं का भारी पड़ सकता है।

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Rishah Pant Raina

कलाई स्पिन का तोड़ है बांये हाथ का बल्लेबाज- रैना

रैना ने कहा कि इस बार विश्वकप का फारमेट काफी अलग है ऐसे में एक टीम नौ मैच खेलेंगी। मध्यक्रम में काफी लंबे समय से भारत के पास कोई अच्छा बल्लेबाज नहीं है जो अनुभवी धोनी का साथ दे सकें। यह काम पहले वह और युवराज सिंह करते थे। जिससे इंडिया बड़े-बड़े मैचों को उलटफेर करने में कामयाब हुई। ऐसे में रोहित, धवन और विराट की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वह 30-35 ओवर खेले। अगर टीम इंडिया में ये तीनों चले तो धोनी के लिए आगे का काम आसान हो जायेगा। अभ्यास मैच में भी अनुभवहीनता दिखाई दी। धोनी के अलावा मध्यक्रम में कोई अनुभवी बल्लेबाज नहीं है। हार्दिक को स्विंग खेलने में दिक्कत होती है। ऐसे में राहुल को चौथे नंबर पर भेजना ठीक रहेगा। इग्लैंड और आस्ट्रेलिया टेस्ट मैचों में अच्छी बल्लेबाजी करने वाले पंत को टीम में जगह न देकर बड़ी चूक हुई है। पंत का यह अनुभव विश्वकप में टीम इंडिया के काम आता।

इग्लैंड और आस्ट्रेलिया पंत का पंत का अच्छा अनुभव

समिति से थोड़ी नहीं बड़ी चूक हुई है। उन्होंने मध्य क्रम में एक बांए हाथ के बल्लेबाज को नहीं रखा है। सारी टीमों के पास लेग स्पिनर हैं। हमारे पास शिखर के अलावा कोई बांए हाथ का बल्लेबाज नहीं है। राहुल को विराट पिछले एक दो सालों से काफी हौसला देते रहे हैं जिससे लगता है राहुल नंबर चार पर बल्लेबाजी करेंगे। भारतीय टीम के लिए बांए हाथ के तेज गेंदबाजों को खेलना बड़ी चुनौती होगी।अगर मौसम भारी रहा तो भारतीय टीम के लिए बल्लेबाजी चुनौतीपूर्ण होगी। यह अभ्यास मैच में दिखाई पड़ा है। यही कारण है कि टीम को पूरे जिगर और विश्वास के साथ खेलना पड़ेगा। विराट टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करनी चाहिए। उन्हें नहीं लगता है कि इंग्लिश परिस्थितियों में लक्ष्य का पीछा करना आसान होगा।