नई दिल्ली- सेना के राजनीतिकरण को लेकर राष्ट्रपति को लिखे पत्र पर विवाद गहराया, जानिये क्या है हकीकत

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नई दिल्ली-न्यूज टुडे नेटवर्क-150 से अधिक पूर्व सैन्य अधिकारियों द्वारा मोदी सरकार के सेना के राजनीतिकरण को लेकर राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र पर विवाद गहरा गया है। सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति कार्यालय को अभी तक ऐसा कोई पत्र नहीं मिला है। हालांकि कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दिन गुरुवार ही पत्र राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजा गया था। सूत्रों की माने तो अभी तक ऐसा कोई पत्र नहीं मिला है। दूसरी तरफ पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ एनसी सूरी ने कहा कि उन्होंने कोई चि_ी नहीं लिखी है और न ही उनसे कोई सहमति ली गई है। उनके अनुसार सेना किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़़ी है और न ही सरकार के निर्देश पर काम करती है।


वही दूसरी ओर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी सूरी की बात को उठाया और कहा कि इस तरह की हरकत निंदनीय है। हालांकि जब उनसे पूछा गया कि कुछ पूर्व अधिकारियों ने पत्र लिखने की बात स्वीकारी है तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। पूर्व सैन्य अधिकारियों द्वारा राष्ट्रपति को पत्र लिखे जाने का मामला सामने आने के बाद कांग्रेस भी केंद्र सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब पूर्व सैनिकों को सामने आना पड़ा है।