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नई दिल्ली- PM मोदी के इस अभियान से नहीं होगी देश में खाने की बर्बादी, उठाए जाएंगे ये सख्त कदम

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नई दिल्ली- देश में हो रही खाने की बरबादी को देखते हुए मोदी सरकार अब जल्द ही ठोस कदम उठाने जा रही है। जिसके चलते खाद्य नियामक (FSSAI) ने विभिन्न प्रतिष्ठानों और रेस्टोरंट में भोजन की बर्बादी रोकने और भोजन दान करने को प्रोत्साहित करने के लिए नियम तैयार किए हैं।’भोजन बचाओ, भोजन बांटो खुशियां बांटो’ अभियान के अंतर्गत FSSAI ने एक रूल बनाया है जिसके जरिए भारत में खाद्य पदार्थ दान देने को वैध माना जाए। इन नियमों का उद्देश्य उन संगठनों और व्यक्तियों को संरक्षा प्रदान करने के लिए एक समान राष्ट्रीय नियमन स्थापित करना है जो सद्भाव के साथ भोजन दान करते हैं।

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PM modi scooty Yojna 2019

भोजन उत्पादक में दुनिया में दूसरे स्थान पर भारत

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकार (एफएसएसएआई) का यह जरूरतमंद व्यक्तियों को वितरण के लिए गैर-लाभकारी संगठनों को भोजन और किराना उत्पादों को दान करने को प्रोत्साहित करने का प्रयास है। ये नियम एक जुलाई, 2020 से अमल में आयेंगे। एफएसएसएआई के मुताबिक भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा भोजन उत्पादक देश है,

लेकिन वैश्विक भूख सूचकांक 2014 में, भारत दुनिया के 119 सबसे ज्यादा भूख पीड़ित देशों की सूची में 103 वें स्थान पर रहा है। कुछ प्रोटोकॉल के कारण, खाद्य कारोबारी जल्दी खराब होने वाले भोज्य पदार्थो को नष्ट कर देते हैं। भोजन की बर्बादी को रोकना और अधिशेष भोजन के वितरण को प्रोत्साहन दिया जाना एक वैश्विक चिंता का विषय है।

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इस मुद्दे के समाधान के लिए, एफएसएसएआई ने बचे हुये भोजन के सुरक्षित वितरण को सुनिश्चित करने के वास्ते 20 अधिशेष खाद्य वितरण एजेंसियों के साथ दूसरे दौर की बैठक की। सरकार द्वारा इस दिशा में उठाए गए कदमों पर चर्चा करने के लिए पहली बैठक 30 जुलाई को आयोजित की गई जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से 13 एजेंसियों ने भाग लिया था।

एफएसएसएआई ने ‘फूड रिकवरी इकोसिस्टम’ बनाने के लिए ‘भोजन बचाओ, भोजन बांटो खुशियां बांटो’ नाम से एक अभियान की शुरूआत की है। इस पहल का उद्देश्य भोजन बनाने वाली कंपनियों, अधिशेष खाद्य वितरण एजेंसियों और लाभार्थियों के बीच दूरी को पाटना है। बयान में कहा गया है कि अधिशेष खाद्य वितरण एजेंसियों के लिए भोजन लाइसेंस पोर्टल पर एफएसएसएआई के साथ पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।