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नई दिल्ली-मोदी सरकार के बजट से जनता की बल्ले-बल्ले, जनता को दिये कई बड़े तोहफे

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नई दिल्ली-यूज टुडे नेटवर्क- मोदी सरकार द्वारा आज वर्ष 2019 का बजट संसद में पेश किया गया। मोदी सरकार की ओर से बजट में बड़ी-बड़ी घोषणाएं की गई । किसानों से लेकर मीडिल क्लास लोगों के लिए बड़े ऐलान किए गए हैं। बजट पेश होने के बाद सत्तापक्ष के नेताओं में खुशी देखी जा रही है। उन्होंने 2019 बजट को सर्जिकल स्ट्राइक करार दिया है। इस बजट से आम लोग भी खुश नजर आ रहे हैं। वही, बजट 2019 को लेकर केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने कहा कि अब कि बार मोदी सरकार 400 के पार। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसा बजट पेश किया है जिसमें सभी लोगों का ध्यान रखा गया है। यह एक ऐतिहासिक बजट है जो कभी भी संसद में पेश नहीं किया गया।

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गिरिराज ने साधा विपक्ष पर निशाना

मोदी सरकार ने इस बार बजट में किसान से लेकर मध्यम वर्ग और हर तबके को ध्यान में रखा है। मजदूरों से लेकर बुढ़े लोगों तक का ध्यान रखा गया है। यह पूरी तरह से संतुलित बजट है। यह लोगों के आवश्कता के अनुसार तय किया गया है। गिरिराज सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने ऐसी बजट की कभी कल्पना नहीं की होगी। अब उनके पास कुछ भी बोलने को नहीं है। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अश्विनी चौबे ने कहा कि यह पूरी तरह से सरकार का सर्जिकल स्ट्राइक है। पहला देश की सीमा में सर्जिकल स्ट्राइक किया गया था। अब सदन में सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक किया है। वर्ष 2019 का बजट एक ऐतिहासिक बजट है, ऐसा बजट कभी भी सदन में पेश नहीं किया गया है।

बजट केवल चुनावी जुमला

वही विपक्ष लगातार आवाज उठा रहा है। विपक्ष केंद्र सरकार की बजट को जुमला करार दिया। इसे चुनावी बजट बताया। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने कहा कि बजट को पूरी तरह से निराशाजनक है। टैक्स में 5 लाख तक के इनकम पर छूट के बारे में मांझी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार की मंशा होती तो टैक्स स्लैब को 8 लाख तक करती। गौरतलब है कि केंद्रीय बजट 2019 में सरकार ने किसानों के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की है।

एक नजर ग्रैच्युइटी-

ग्रैच्युइटी पेमेंट की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दी गई है।
वही ग्रैच्युइटी में कंट्रिब्यूशन की सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 21 हजार रुपये कर दी गई।
सर्विस के दौरान किसी श्रमिक की मृत्यु होने पर ईपीएफओ से मिलने वाली सहायता राशि 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दी गई।
अब 25 हजार की कमाई वालों को ईएसआई का कवर मिलेगा।
अब कर्मचारियों के एनपीएस में सरकार अपनी तरफ से 14 प्रतिशत का योगदान करेगी।
वही घरेलू कामगारों के लिए पेंशन योजना।
न्यू पेंशन स्कीम में सरकार की भागीदारी बढ़ाई।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का लाभ मिलेगा।
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए प्रति माह 3,000 रु पेंशन के रूप में देने का ऐलान किया गया।
इस योजना के लाभार्थियों की तादाद करीब 10 करोड़ तक होने का अनुमान है।
योजना का लाभ 60 वर्ष से ऊपर की उम्र के लोगों को मिलेगा।
इसी साल से स्कीम लॉन्च की गई है।
अभी इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं। आगे जरूरत पडऩे पर और फंड मुहैया कराए जाएंगे।