नई दिल्ली-ऐसे मोदी सरकार में मिली चुनावी चाणक्य को नंबर दो की जगह, तो ये थी अमित शाह को गृह मंत्री बनाने की असल वजह

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नई दिल्ली-भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को मोदी सरकार में नंबर दो की जगह मिली है। कैबिनेट पद की शपथ लेने के बाद अमित शाह को गृह मंत्री बनाया गया। गृह मंत्रालय को जबरदस्त तरीके से सजाया गया सभी अधिकारियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। गृह मंत्री को पीएम के बाद दूसरे नंबर का महत्वपूर्ण पद माना जाता है और मोदी ने यह पद बीजेपी के चुनावी चाणक्य शाह को सौंपा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे बड़ा फैसला अमित शाह को लेकर किया। उन्हें गृहमंत्री बनाया गया है। पिछली सरकार में गृहमंत्री रहे राजनाथ सिंह अब रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगे।

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गृहमंत्री शाह से कई उम्मीदें

गृहमंत्री का दायित्व मिलने के साथ ही अमित शाह सरकार में बेहद ताकतवर मंत्री बनकर उभरे हैं। अमूमन गृह मंत्रालय सरकार में नंबर दो की हैसियत वाले मंत्री को दिया जाता रहा है। अटल जी की सरकार में लालकृष्ण आडवाणी गृहमंत्री रहे। मुरली मनोहर जोशी को भी 13 दिन की सरकार में यह जिम्मा दिया गया था। हालांकि नंबर दो कौन, इसका जवाब अगर वरिष्ठता क्रम के लिहाज से मिलना है तो अभी भी राजनाथ सिंह मंत्रियों की वरिष्ठता सूची में नंबर दो पर हैं। यह सरकार की प्राथमिकता के आधार पर तय होता रहा है। यूपीए सरकार में नंबर दो रहे प्रणब मुखर्जी के पास वित्त, विदेश और रक्षा मंत्रालयों का दायित्व रहा। वे हमेशा व्यावहारिक रूप से नंबर दो मंत्री और यूपीए सरकार के संकटमोचन बने रहे। मोदी-शाह की केमिस्ट्री शानदार रही है। इस जोड़ी को सही मायने में भाजपा का विस्तार पूरे देश में करने का अहम किरदार माना जाता है। शाह के गृहमंत्रालय में आने के बाद धारा 370, 35 ए जैसे वैचारिक रूप से भाजपा व संघ के अहम मुद्दों पर सरकार के ज्यादा कठोर रुख की उम्मीद की जा रही है।

जम्मू-कश्मीर पर निगाह

लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर में तीन सीटों पर जीत दर्ज की है। बीजेपी राज्य में लगातार अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रही है। इस कड़ी में भी पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का गृह मंत्री बनना काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा अमित शाह के गृहमंत्री बनने के बाद पश्चिम बंगाल की सियासी स्थिति पर भी सबकी निगाहें होंगी। खासकर बीजेपी और ममता बनर्जी की टीएमसी के तल्ख रिश्तों के बीच देखना दिलचस्प होगा कि बतौर गृह मंत्री अमित शाह और दीदी के बीच कानून व्यवस्था और अन्य मामलों पर कैसा संबंध रहता है। पश्चिम बंगाल में लगातार टीएमसी.-बीजेपी के कार्यकर्ता आमने-सामने हैं। राजनीतिक हिंसा की खबरें आती रही हैं। खुद अमित शाह के खिलाफ बंगाल में एक मामला दर्ज है।

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