नई दिल्ली-सोमवार को महाशिवरात्रि पर दुर्लभ संयोग, भूलकर भी न करें ये गलती

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नई दिल्ली–न्यूज टुडे नेटवर्क- सोमवार को महाशिवरात्रि पर समूचे देशभर के शिवालयों पर धूम मचेगी। सुबह की महाआरती के बाद मंदिरों के पट भक्तों के लिए खुल जाएंगे। सोमवार के स्वामी चंद्र, बाबा सोमनाथ का दुर्लभ संयोग शिव योग महापर्व को खास बनाएगा। बाबा शिव की कृपा के साथ चंद्र देव की शीतलता भी बरसेगी। मंदिरों में शनिवार से ही तैयारियां तेज हो गई हैं। फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को बाबा भोले को मनाने को भक्त आतुर हैं। महाशिवरात्रि पर दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में चन्द्रमा को सोम कहा गया है। भगवान शिव को सोमनाथ कहा जाता है। सोमवार को शिवजी की पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। महाशिवरात्रि पर सूर्य-चंद्रमा शिव योग बना रहे हैं। ये योग सोमवार को दोपहर 1 बजकर 32 मिनट से शुरू हो रहा है। यह कल्याणकारक एवं सफलतादायक योग होता है। भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल मिलता है।

महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त 

शिव योग में वेदाध्ययन, आध्यात्मिक चिन्तन और बौद्धिक कार्य करना भी शुभ माने जाते हैं। पूजन, जागरण और उपवास करने वाले मनुष्य का पुनर्जन्म नहीं होता। महाशिवरात्रि पर श्रवण और घनिष्ठा नक्षत्र होने से सिद्धि एवं शुभ नाम के योग बन रहे हैं। तिथि, वार और नक्षत्र मिलकर सर्वार्थसिद्धि योग भी बना रहे हैं। तीन शुभ योगों के कारण महाशिवरात्रि का पर्व और भी खास हो गया है। इन शुभ योगों में शिवजी की पूजा सफल हो जाती है। महाशिवरात्रि पर भोले बाबा को पूजा से मनाया जा सकता है।
शुभ मुहूर्त शुरू- शाम 04.28, 4 मार्च 2019
शुभ मुहूर्त समाप्त – 07.07, 5 मार्च 2019

महाशिवरात्रि पूजा की सामग्री और विधि –

शिवपुराण के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भोलेनाथ की पूजा करते समय इन चीज़ों को जरूर शामिल करें-
शिव लिंग के अभिषेक के लिए दूध या पानी की कुछ बूंदे शहद की अवश्य मिलाएं।
अभिषेक के बाद शिवलिंग पर सिंदूर लगाएं।
सिंदूर लगाने के बाद धूप और दीपक जलाएं।
शिवलिंग पर बेल और पान के पत्ते चढ़ाएं।
आखिर में अनाज और फल चढ़ाएं।
पूजा संपन्न होने तक ओम नम: शिवाय का जाप करते रहें।

महाशिवरात्रि व्रत नियम –

भगवान शिव के व्रत के कोई सख्त नियम नहीं है। महाशिवरात्रि के व्रत को बेहद ही आसानी से कोई भी रख सकता है।
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में नहाकर भगवान शिव की विधिवत पूजा करें।
दिन में फलाहार, चाय, पानी आदि का सेवन करें।
शाम के समय भगवान शिव की पूजा अर्चना करें।
रात के समय सेंधा नमक के साथ बनें व्रत में खाए जाने वाला भोजन खाएं।
कुछ लोग शिवरात्रि के दिन सिर्फ मीठा ही खाते हैं।