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नई दिल्ली-जानिये नये वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का राजनीति सफर, कैसे पहुंची सेल्स गर्ल से वित्त मंत्री के पद तक

नई दिल्ली-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल में निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्री बनाया है। इससे पहले मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में निर्मला सीतारमण देश की पहली महिला रक्षामंत्री बनीं थी। अब उन्हें वित्तमंत्री बनाया गया तो अर्थव्यवस्था को लेकर कई बड़ी चुनौतियां हैं।देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनकर एक बार फिर इतिहास  रचा। वित्त मंत्री के तौर पर उन्हें आर्थिक नरमी, रोजगार सृजन, फंसे कर्ज को काबू में लाने और निवेश बढ़ाने की चुनौती से निपटना होगा। निर्मला सीतारमण ने इससे पहले भी इतिहास रचा जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली पिछली सरकार में पूर्णकालिक रक्षा मंत्री का कार्यभार संभाला था। निर्मला सीतारमण ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अर्थनीति की पढ़ाई की है।

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लंदन में किया सेल्स गर्ल का काम

पढ़ाई के दौरान और बाद भी सीतारमण ने कई जगहों पर काम किया। पति संग लंदन में रहने के दौरान निर्मला ने वहां एक घर का सजावटी सामान बेचनेवाली दुकान में सेल्स गर्ल के रूप में भी काम किया था। इसके बाद वह लंदन में कृषि इंजिनियर्स असोसिएशन से जुड़ीं। लंदन में ही प्राइस वॉटरहाउस नाम की कंपनी में सीनियर मैनेजर के रूप में काम किया। वापस भारत आने पर उन्होंने हैदराबाद में सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी में डेप्युटी डायरेक्टर के रूप में काम किया। निर्मला सीतारमण देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बन गई हैं, क्योंकि इससे पहले 1970-71 में प्रधानमंत्री रहने के दौरान इंदिरा गांधी ने कुछ समय के वित्त मंत्रालय का प्रभार अपने पास रखा था। तमिलनाडु के एक साधारण से परिवार से आनेवाली निर्मला ने किसी वक्त में सेल्स गर्ल के रूप में काम किया था। लेकिन फिर बीजेपी से जुडक़र कैसे वह सिर्फ 11 साल में यहां तक पहुंचीं जानिए।

2008 में राजनीति में की एंट्री

निर्मला का जन्म तमिल नाडु के एक साधारण से परिवार में 18 अगस्त 1959 को हुआ था। उनके पिता रेलवे में काम करते थे और मां घर संभालती थीं। पिता की नौकरी में बार-बार ट्रांसफर होता रहता था, जिसकी वजह से वह तमिलनाडु के कई हिस्सों में रहीं। अपनी शुरूआती पढ़ाई सीतारमण ने तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से की। उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन अर्थशास्त्र में की थी। इसके बाद मास्टर्स के लिए वह दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में आईं। इसके बाद उन्होंने इंडो-यूरोपियन टेक्सटाइल ट्रेड में अपनी पीएचडी की रिसर्च की। जेएनयू में पढ़ाई के दौरान निर्मला की मुलाकात डॉ परकाला प्रभाकर से हुई थी। वह भी वहीं पढ़ते थे। फिर बाद में दोनों ने शादी कर ली। फिलहाल दोनों की एक बेटी है। निर्मला ने 2008 में राजनीति में एंट्री ली और बीजेपी जॉइन की। इसके दो साल बाद ही वह बीजेपी प्रवक्ता बन चुकी थीं। इसके बाद 26 मई 2014 में मोदी सरकार में उन्हें राज्य मंत्री का पद सौंपा गया।

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