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नई दिल्ली- सेमीफाइनल में हार के बाद कोहली-शास्त्री की जोड़ी टूटनी तय, नौसिखिए को खिलाना पड़ सकता है महंगा

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नई दिल्ली-बुधवार को न्यूजीलैंड के हाथों मिली हार के बाद भारत विश्वकप से बाहर हो गया। इसके बाद भारतीय किक्रेट पर कई सवाल उठ गये है। चयनकर्ताओं के बावजूद पिछले चार साल से रवि शास्त्री और विराट कोहली की जोड़ी सारे फैसले ले रही है। भले ही चयनकर्ता किसी खिलाड़ी को चुन ले लेकिन जब तक शास्त्री-कोहली हां ने कहते हो तब तक वह अपनी बारी का इंतजार करता रहता है। ऐसे में विश्वकप में हार के बाद यह जोड़ी टूटनी तय मानी जा रही है।

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team india/newstodaynetwork

दो साल नहीं सुलझा नंबर-4

पिछले दो साल से नंबर 4 का बल्लेबाज भारत को नहीं मिल पाया। इन नंबर पर कोहली-शास्त्री की जोड़ी ने करीब 10 बल्लेबाजों को आजमाया। इसके बावजूद विजय शंकर जैसे नौसिखिए को विश्वकप में जगह दे दी। साथ ही हार्दिक पांडया और ऋषभ पंत को भी इसी नंबर पर खिलाया। दो साल पहले रविन्द्र जडेजा और अश्विन की स्पिन जोड़ी को इन्ही दोनों ने तोड़ा। क्योंकि वह रिस्ट स्पिनर टीम में चाहते थे। लेकिन सेमीफाइनल में जडेजा को जगह देनी उचित समझी। ऐसे में सवाल उठता है कि कुलदीप यादव का चयन कितना सही था। वहीं नंबर चार पर खेलने वाले खिलाड़ी अंबाती रायडू को कम मौके दिये और नंबर चार पर खिलाया ही नहीं।

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धौनी के नंबर को लेकर उठे सवाल

केएसल राहुल को लेकर कन्फयूजन पैदा कर दिया। उसे चार नंबर पर खिलाया। धवन के बाहर होने के बाद उसे ओपनिंग करायी। सबसे बड़ा सवाल धौनी की बैटिंग को लेकर उठा है। जिससे टी-20 और वन-डे विश्कप जिताया। उसे न्यूजीलैंड के खिलाफ सातवें नंबर पर भेज दिया। इसके लिए सौरव गागुली, सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण भी आलोचना कर चुके हैं। इससे पहले रवि शास्त्री का कार्यकाल बढ़ाया जा चुका है। लेकिन सेमीफाइनल में मिली हार के बाद कोहली-शास्त्री की जोड़ी टूटनी तय है।