नई दिल्ली- कोरोना वायरस का विकराल रुप आया सामने, इसलिए छिन जाएगा करोड़ो का रोजगार

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दुनिया में महामारी का रुप ले चुका कोरोना वायरस हजारों लोगो की जान ले चुका है। लेकिन अब इस वायरस का असर लोगो के रोजगार पर भी पड़ सकता है। कोरोनोवायरस महामारी की वजह से दुनिया भर में लगभग ढ़ाई करोड़ नौकरियां खतरे में हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित नीति प्रतिक्रिया से वैश्विक बेरोजगारी के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी ने यह जानकारी दी है। ‘COVID-19 और कार्य की दुनिया: प्रभाव और प्रतिक्रियाएं’ शीर्षक वाली अपनी प्रारंभिक मूल्यांकन रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने तीन स्तंभों पर तत्काल बड़े पैमाने पर समन्वय बनाने की बात कही जिसमें कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था प्रेरक और रोजगार वाली हो और सहायक नौकरियों और आय पर फोकस किया जाये।

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ILO की माने तो इन उपायों में सामाजिक सुरक्षा देना, रोजगार को बनाए रखने की शक्ति (यानी कम समय का काम, पैसे के साथ छुट्टी, अन्य सब्सिडी) लघु और मध्यम आकार के उद्यमों के लिए वित्तीय और कर राहत शामिल हैं। इसमें राजकोषीय और मौद्रिक नीति उपायों और विशिष्ट आर्थिक क्षेत्रों के लिए कर्ज और वित्तीय सहायता का भी प्रस्ताव शामिल है। ILO ने कहा कि COVID-19 महामारी से उत्पन्न आर्थिक और श्रम संकट वैश्विक बेरोजगारी को लगभग 2.5 करोड़ तक बढ़ा सकता है।

हालांकि, अगर हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलकर इसे काबू करने में सक्षम होते हैं तो (जैसा 2008/9 के वैश्विक वित्तीय संकट में हुआ था) वैश्विक बेरोजगारी का प्रभाव काफी कम हो सकता है। रिपोर्ट से पता चलता है कि कोरोनोवायरस के कारण बेरोजगारी और अल्प रोजगार कैसे प्रभावित होगी।

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