नई दिल्ली-बजट 2019-20 में गरीब और किसानों मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, ऐसे खिल उठे किसानों के चेहरे

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नई दिल्ली-किसानों की उम्मीदों पर मोदी सरकार का बजट खरा उतरा है। अपने भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि गांव, गरीब और किसानों को कई तोहफे दिए। उन्होंने साफ कहा कि असल भारत, गांव में ही बसता है। उन्होंने किसानों और गरीबों के लिए इस बजट में कई बड़ी बातें कहीं।

इससे पहले 1970 में इंदिरा गांधी ने देश का पहला यूनियन बजट पेश किया था लेकिन वह वित्त मंत्री के साथ ही प्रधानमंत्री भी थीं। निर्मला सीतारमण ने दूसरे सेक्टर्स के साथ ही इस बजट में गांव, गरीब और किसानों का भी विशेष ध्यान रखा और उनके लिए कई तरह की घोषणाएं की।

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sitaraman, Budget2019-20

जीरो बजट खेती पर जोर

वित्त मंत्री ने कहा कि जीरो बजट खेती पर जोर दिया जाएगा। खेती के बुनियादी तरीकों पर लौटना इसका उद्देश्य है। इसी से किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य पूरा होगा। खाद्यानों, दलहनों, तिलहनों, फलों और सब्जियों की स्व-पर्याप्तता और निर्यात पर विशेष रूप से जोर दिया गया। बजट देख किसानों के चेहरे खिल उठे। वित्त मंत्री ने कहा कि साल 2022 तक 10 हजार नए किसान उत्पादक संगठन बनाए जाएंगे। मछुआरों की आजीविका को सुधारने के लिए प्रधानमंत्री मतस्य संपदा योजना के तहत मत्स्यिकी ढांचे की स्थापना होगी। वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान 100 नए बांस, शहद और खादी कलस्टर की स्थापना होगी।

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