नई दिल्ली-पिता का वादा पूरा करने को 50-50 फॉर्मूले पर अड़ी शिवसेना, हरियाणा से बचते-बचते महाराष्ट्र में फंसी भाजपा

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Dehli News- दो राज्यों में भाजपा को सरकार बनाने लिए कशमकश करनी पड़ रही है। इस बार भाजपा का पेंच सीटों को लेकर फंस गया। विगत दिनों महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा का रिजल्ट आने से भाजपा के मंसूबों में पानी फेर दिया। आज शिवसेना के नवनिर्वाचित विधायकों ने पार्टी अध्यक्ष अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर मुलाकात कर अपनी इच्छा जाहिर की। इस दौरान उन्होंने लोकसभा के दौरान अमित शाह ने लोकसभा चुनाव में 50-50 फॉर्मूला दिया था। उसी आधार पर दोनों पार्टियों को ढाई-ढाई साल राज्य में सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए। उद्वव जी को भाजपा से लिखित में आश्वासन लेना चाहिए।

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चुनाव के नतीजे के बाद महाराष्ट्र में आदित्य ठाकरे को राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर पोस्टर लगाए गए हैं। शिव सेना के टिकट पर सिल्लोड से जीतने वाले मुस्लिम विधायक अब्दुल सत्तार ने कहा कि वे आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। पहले ढाई शिवसेना का मुख्यमंत्री होना अगले ढाई साल भाजपा का। जब से आदित्य ने चुनाव लडऩे का फैसला किया था तो शिवसैनिकों ने उन्हें अगले मुख्यमंत्री के तौर पर देखना शुरू कर दिया था। चुनाव के समय खुद उद्धव ठाकरे ने कहा था कि उन्होंने अपने पिता बालासाहेब ठाकरे से वादा किया था कि एक दिन महाराष्ट्र में शिवसेना का मुख्यमंत्री बनेगा। अब समय आ गया है कि उद्वव ठाकरे अपने पिता से किया हुआ वादा निभाये।

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एक बार फिर भाजपा हरियाणा से बचते-बचते महाराष्ट्र में फंसती नजर आ रही है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना के गठबंधन को जीत हासिल हुई है। जिसके बाद आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाये जाने की मांग जोरों पर है। इस बार महाराष्ट्र चुनाव में सबसे चर्चित चेहरा आदित्य ठाकरे का रहा है। आदित्य ठाकरे ने 53 साल का इतिहास उस समय बदल दिया जब वह खुद चुनावी मैदान में उतर पड़े। आदित्य वर्ली सीट से चुनाव जीत भी गए हैं। पार्टी के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे ने कभी चुनाव लड़ा।

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