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नौकरी पाने के लालच में बेटे ने करवा दी अपने ही बाप की हत्या

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छत्तीसगढ़ – आज के दौर में किसी भी रिश्ते पर भरोसा नामुमकिन सा होता जा रहा है, आए दिन हम हर रिश्ते का खून होने देख रहे हैं। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ जिले के जशपुर सन्ना थाना क्षेत्र के रहने वाले बेटे ने नौकरी के लालच में बड़े ही बेरहमी से अपने ही पिता की जान ले ली। युवक और उसके दो सहयोगियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जशपुर जिले के सन्ना थाना क्षेत्र के रहने वाले महावीर राम सन्ना के ही शासकीय अस्पताल में स्वीपर के पद पर कार्यरत थे और 3 दिन बाद ही रिटायर होने वाले थे।

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27 अक्टूबर को हुई थी हत्या

रिश्तों को ताार-तार करने वाली ये घटना जशपुर जिले की सन्ना की है। 27 अक्टूबर को मवेशियों के लिए चारा खुराकी देने चरवाहे खाइडकोना ग्राम गए हुए थे, वहां से वापस आते वक्त सूनसान जगह पर मृतक महावीर राम लोहर का मृत शरीर पड़ा हुआ था। जिसकी उम्र 62 वर्ष बताई जा रही है। महावीर की धारदार हथियार से हत्या की गई थी। जिसकी शिकायत पुलिस को दी गई।

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मृतक महावीर राम सन्ना के ही शासकीय अस्पताल में स्वीपर पद पर काम करते थे और तीन दिन के बाद रिटायर होने वाले थे। जब पुलिस ने जांच की तो चौकाने वाला खुलासा सामने आया। साजिशकर्ता मृतक का बेटा जीवन साय निकला, जिसकी उम्र 28 वर्ष है। उसने अपने साले बिरहोर राम 25 वर्ष, मार्शल राम 21 वर्ष से बात कर अपने पिता की हत्या करने का प्लान बनाया और प्लान के मुताबिक ही आरोपियों ने मृतक महावीर को कुल्हाड़ी व छुरी से हमला कर मौत के घाट उतार दिया।

पूछताछ के दौरान बेटे ने कबूला जुर्म

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अनुकम्पा में नौकरी पाने की लालसा एक बेटे पर इस कदर हावी हुई कि उसने अपने पिता की ही योजना बनाकर हत्या करवा दी, जिससे कि अनुकम्पा में उसे नियुक्ति मिल सके। जीवन साय ने अपने साले और उसके दोस्तों से मिलकर पैसे का लालच देकर अपने ही पिता की हत्या का सौदा कर डाला। आरोपी बेटे का प्लान था कि मौत के बाद पिता की जगह उसे नौकरी मिल जाएगी। जीवन साय ने पूछताछ के दौरान दो अन्य आरोपियों की भी जानकारी पुलिस को दी। उन्होंने बताया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पूछताछ के दौरान महावीर के साय के छोटे बेटे जीवन साय ने अनुकंपा नियुक्ति के लालच में पिता की हत्या की बात स्वीकार कर ली।

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बेटे तक ऐसे पहुंची पुलिस

सूत्रों से पुलिस को पता चला कि मृतक महावीर राम 31 अक्टूबर को रिटायर होने वाले थे और उसका बेटा बेरोजगार है। पुलिस ने संदेह के चलते बेटे पूछताछ की तो उसने बेरोजगारी की बात करते हुए उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने आईपीसी के तहत न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया गया।