नैनीताल-यूपीएससी भर्ती को लगा झटका, हाईकोर्ट ने निरस्त की इन पदों पर नियुक्ति

UPSC Jobs- नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रदेश के महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक चित्रकला के चार पदों पर की गई चयन प्रक्रिया को नियम विरुद्ध बताते हुए उसे निरस्त कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। चमोली निवासी मधु बहुगुणा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से प्रदेश के महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक चित्रकला के चार पदों के लिए 4 अगस्त 2017 में विज्ञप्ति निकाली गई थी। याचिकाकर्ता ने भी आवेदन किया था। साक्षात्कार के बाद 4 जनवरी 2019 को आयोग ने उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की लिस्ट जारी की। याची ने उक्त नियुक्ति प्रक्रिया को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

high court decision on panchayat elevtion 2019

याचिकाकर्ता का कहना था कि आयोग ने उसकी शैक्षिक योग्यता व शैक्षिक अनुभव को दरकिनार कर उससे कम योग्यता व शैक्षिक अनुभव वाले को उक्त पद पर विधि विरुद्ध प्रक्रिया अपनाते हुए चयनित किया है। जिसके बाद उसने चयन प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की थी। याची के अधिवक्ता सीडी बहुगुणा ने तर्क दिया कि आयोग के साक्षात्कार बोर्ड में चार सदस्य शामिल थे, जिनमें शामिल एक सदस्य के अंडर में चयनित अभ्यर्थी पीएचडी कर रही है। इस सदस्य के माध्यम से ही चयन प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि सहायक प्राध्यापक के पद पर चयन के लिए आयोग ने 100 फीसदी अंक साक्षात्कार के रखे थे, जो कि सुप्रीम कोर्ट के सर्वमान्य सिद्धांत की अवहेलना है। अधिवक्ता के मुताबिक मामले में फरवरी 2019 में स्टे मिल गया था। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने आयोग की चयन प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है।

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