नैनीताल-(शर्मनाक)-जंगल की सैर करने गये युवक पर वन विभाग ने दिखाई हैवानियत, जुर्म कबूल कराने को नोंच डाले नाखून

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Nainital News-इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा दिये। वन विभाग ने इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना कर डाली। एक युवक ने पुलिस को तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि वह धारचूला से हल्द्वानी आया था। जहां से वह पंगूठ-विनायक वन क्षेत्र मेें घूमने चला गया। वहां वन विभाग की टीम ने उसे पकड़ लिया। जबरदस्ती उस पर तस्करी का आरोप लगाया। इसके बाद वन विभाग की टीम यहीं नहीं रूकी। उसने युवक पर पूरी हैवानियत दिखाते हुए उसके हाथ की अंगुली से एक नाखून तक खींच डाला। अब युवक ने रेंजर समेत अन्य वन कर्मियों के खिलाफ राजस्व पुलिस में तहरीर दी है।


बताया जा रहा है कि भाष्कर बुदियाल नाम का युवक हल्द्वानी में रिश्तेदारी में आया था। जहां से वह विगत पांच नवंबर को किलबरी पंगूठ विनायक क्षेत्र में घूमने चले गया। इसके लिए उसने एक गाड़ी बुक कराई। उसका कहना है कि वह वन विभाग के गेस्ट हाउस के चौकीदार से पूछकर जंगल की ओर चले गया। इस बीच वन विभाग की टीम ने उसे पकड़ लिया। जिसके बाद उसके ऊपर तस्करी का आरोपी लगाते हुए वन विभाग की टीम उसे कुंजखडक़ ले गई। यहां उसके मोबाइल और बैग व खाने-पीने का सामान जब्त कर लिया। उसे परिजनों से बात तक नहीं करने दी गई।

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बुदियाल ने तहरीर देते हुए रेंजर तनुजा परिहार पर आरोप लगाया कि उसने जबरदस्ती तस्करी कबूल करने को कहा और मेरे को बुरी तरह पीटा। जिसके बाद वह बेहोश हो गया। साथ ही जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल भी किया। इसके बाद उन्होंने उसके हाथ की अंगुली का नाखून तक तोड़ दिया। लेकिन जब उनकी दाल नहीं गली तो अगले दिन 7 नवंबर को मेरे को रिहा कर दिया गया साथ ही एक कागज पर जबदस्ती कराने की कोशिश की। जिसमें लिखा था कि कोई शारीरिक चोट या अभद्रता नहीं की गई। जब उसने साइन नहीं किये तो दस्तावेज में रिहा करने की तारीख छह नवंबर दर्शाई गई है। और तस्करी का आरोप लगाते हुए पांच हजार जुर्माना भी काटा गयाए लेकिन रसीद नहीं दी। इस मामले में रेंजर तनुजा परिहार ने मारपीट के आरोप को नकार दिया। उन्होंने बताया कि युवक को हिरासत में नहीं रखा गया था युवक द्वारा पेड़ों का नुकसान पहुंचाया जा रहा था।

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