नैनीताल- एक ने संतान नहीं होने पर छोड़ा तो दूसरे ने संतान होने पर, अब दर-दर भटक रही 6 माह की गर्भवती पुष्पा

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नैनीताल-इंसान के जीवन में कब क्या हो जाय इसका कोई पता नहीं। लेकिन कभी-कभी जिंदगी के कई फैसले उन्हें कही का नहीं छोड़ते है। कुछ ऐसा ही हुआ एक दिव्यांग गर्भवती महिला के साथ। अब पति की तलाश में गर्भवती दिव्यांग महिला दर-दर भटक रही है। जब पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वह खुद पति को ढूढऩे उसके ठिकने पर पहुंची लकिन यहां पहुंचकर उसे निराशा हाथ लगी। जिसके बाद वह थक-हारकर एक जगह गुमसुम बैठ गई।

Pushpa Ranikhet

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2012 में पहले पति ने छोड़ा

चौखुटिया गनाई निवासी दिव्यांग पुष्पा देवी की 2005 में जौरासी के सिरदा गागर गांव निवासी रामगिरी से विवाह हुआ था। पुष्पा ने बताया कि शादी के बाद उसकी कोई संतान नहीं हुई तो वर्ष 2012 में उसके पति रामगिरी ने उसे छोड़ दिया। इसके बाद वह अपने मायके में चली गई। इस बीच वह करीब 4 साल अपने मायके में रही। वर्ष 2016 में ताड़ीखेत निवासी जगदीश बिष्ट ने उससे मंदिर में शादी कर ली। पुष्पा का कहना है कि जगदीश चौखुटिया में एक कॉपरेटिव बैंक में काम करता था। दोनों ने यहां किराये पर मकान ले लिया।

चार माह से गायब है दूसरा पति

विगत चार माह पहले जगदीश का नैनीताल स्थित कॉपरेटिव बैंक में पोस्टिंग होने की बात कहकर चला आया। इसके बाद वह लगातार पुष्पा से संपर्क में रहा। इस बीच उसने अपने बीमार होने की बात कही और चौखुटिया आने में असमर्थता जतायी। चार महीने बीतने के बाद पुष्पा से रानीखेत पुलिस ने पति को खोजने की गुहार लगाई। लेकिन पुलिस टस की मस नहीं हुई। इसके बाद वह एक ट्रक ड्राइवर के साथ नैनीताल पहुंच गई। जहां उसने नैनीताल के कई बैंकों पर अपने पति के बारे में पूछताछ की लेकिन कही कोई जानकारी नहीं मिली। जिसके बाद वह मल्लीताल कोतवाली पहुंच गई और पूरी दास्ता सुनाई। पुलिस ने रानीखेत पुलिस से संपर्क कर उसके परिजनों को भी इसकी जानकारी दी।

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