नैनीताल-कुमाऊं के लिए राहत की खबर, यहां शुरू हुई दूसरी कोरोना जांच लैब

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नैनीताल- जिलाधिकारी सविन बंसल के प्रयासों से मंगलवार को आईवीआरआई मुक्तेश्वर में कोरोना के सैंपलों की जांच की दूसरी लैब शुरू हो गई है। लैब का शुभारम्भ जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा की गई। डीएम बंसल के अल्प समय में विशेष प्रयासों से सुसज्जित परीक्षण लैब 15 दिन के भीतर अस्तित्व मे आ गई। इस लैब के क्रियाशील हो जाने से सुशीला तिवारी चिकित्सालय टैस्ंिटग लैब पर दबाव कम होगा तथा प्रतिदिन सैम्पल जाचों की प्रक्रिया में इजाफा होगा। इस अवसर पर डीएम बसंल द्वारा आईवीआरआई मुक्तेश्वर के परिसर में पौधारोपण भी किया गया।

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इस दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि आईवीआरआई मुक्तेश्वर लैब मेें कुमाऊं मंडल के पर्वतीय जिलों पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, नैनीताल के दुर्गम क्षेत्रों के सैंपलों की टेस्ंिटग होगी। इस लैब के क्रियाशील हो जाने से पर्वतीय जिलों को विलम्ब से मिल रही रिपोर्ट तेजी से मिलेगी तथा पॉजेटिव पाये जाने वाले मरीजों का इलाज भी तेजी से हो सकेगा। उन्होंने कहा कि सैम्पल जांच में प्रतिदिन जो भी व्यय आयेगा। उस व्यय का भुगतान प्रशासन द्वारा किया जायेगा। उन्होंने प्रभारी आईवीआइआई संस्थान डा. पुुतान सिह को निर्देश कि प्रतिदिन सैम्पल जांच की रिपोर्ट आईसीएमआर के पोर्टल पर अपलोड अनिवार्य रूप से करेंगे।

गौरतलब है कि लैब की स्थापना तथा उपकरणों आदि के लिए जिलाधिकारी द्वारा 10 लाख की धनराशि दी गई थी तथा लैब भवन तथा आईवीआरआई भवनों के सेनिटाइजेशन के लिए आपदा मद से जिलाधिकारी ने सेनिटाइजेशन मशीन क्रय करने के लिए 4 लाख की धनराशि भी दी गई थी। लेब प्रारम्भ करने से पूर्व लैब व भवन को सेेनिटाइजेशन भी किया गया। जिलाधिकारी ने आईवीआरआई लैब में कार्य कर रहे वैज्ञानिक एवं तकनीकी स्टाफ को सम्बोधित करते हुये कहा कि कोरोना-19 मेें कार्यो में सहभागिता करना अति महत्वपूर्ण है। सभी अपने नियमित कार्यो के साथ ही कोरोना सैम्पल जांच का कार्य करें, कार्य करने में सावधानियां जरूर बरती जांए।

मुख्य चिकित्साधिका डा. भारती राणा ने बताया कि आईवीआरआई लैब में 20 सैम्पल जांच के लिए दिये गये है। उन्होंने कहा कि लैब की दोनों मशीनें संचालित होने पर प्रतिदिन औसतन 200 सैम्पलों की जांच होगी। जिससे जिला व कुमाऊं मंडल में सदिग्धों की अधिक से अधिक सैम्पल लेकर जांच की जा सकेंगी। उन्होंने बताया कि आईवीआइआई लैब मेें एसटीएच से एक माइक्रो बाइलोजिस्ट की तैनाती की गई है साथ ही आईवीआरआई के वैज्ञानिक एवं तकनीशियनों को पूर्व मे कोरोना जांच के लिए प्रशिक्षित कर दिया गया है।

 

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