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म्यूचुअल फंड में निवेश करने के क्या हैं फायदे, जानिए कैसे और कहां करे निवेश

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म्यूचुअल फंड में निवेश करने के फायदे – म्यूचुअल फंड आज के दौर में निवेश का एक नया जरिया बनता जा रहा है। बढ़ते निवेश के साथ ही कई तरह के सवाल भी निवेशक के मन में रहते हैं, कि म्यूचुअल फंड में निवेश से क्या हैं फायदे। म्यूचुअल फंड में 100 और 500 रुपए की छोटी रकम से भी बचत शुरू की जा सकती है। नियमित निवेश करने पर लंबी अवधि में यह छोटी बचत बड़ी रकम बन जाती है। ऐसा चक्रवृद्धि ब्याज के कारण होता है। म्यूचुअल फंड निवेश का जरिया है जिसमें तमाम निवेशक मिलकर रिटर्न पाने के लिए पैसा लगाते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि म्युचुअल फंड में निवेश करने के क्या हैं फायदे, और आपके वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में ये कैसे मदद कर सकते हैं।

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क्या है म्यूचुअल फंड

देश में अलग-अलग कई म्यूचुअल फंड हाउसेज हैं जो छोटे-बड़े निवेशकों से पैसा लेकर शेयर और डेट् फंड्स में निवेश करते हैं। ये कंपनियां निवेश करने के लिए फंड मैनेजर नियुक्त करती है। फंड मैनेजर को मार्केट की अच्छी जानकारी होती है, जो अपनी समझ से ऐसे फंड में निवेश करते हैं जिसमें अधिकतम मुनाफा हो। म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए ये कंपनियां निवेशकों से कमीशन लेकर कमाई करती हैं।

जानिए म्यूचुअल फंड के अलग-अलग प्रकार

मोटे तौर पर तीन तरह के फंड होते हैं। डेट फंड, इक्विटी ओरिएंटेड फंड और हाइब्रिड फंड, डेट फंड सरकारी प्रतिभूतियों और कॉर्पोेरेट बॉंड जैसी परिसंपत्तियों में निवेश करते हैं। इन फंडों का मकसद निवेशक को मुनासिब रिटर्न बाजार में शेयरों की चाल से जुड़ा होता है। इसलिए इनमें ज्यादा जोखिम होता है, हाइब्रिड फंड इक्विटी ओर फिक्स्ड इनकम प्रतिभूतियों दोनों में मिलाजुलाकर निवेश करते हैं। इक्विटी वाले हिस्से का अनुपात 0-100 फीसदी तक हो सकता है।

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म्युचुअल फंड में निवेश के फायदे

शेयर बाजार में निवेश के अपने जोखिम होते हैं। अगर आपको बाजार की अच्छी जानकारी नहीं है तो आप किसी के कहने में आकर ऐसे शेयर में पैसा लगा सकते हैं, जहां घाटा हो।  यह है कि यहां आपका निवेश फंड मैनेजर द्वारा मैनेज किया जाता है, जिसे बाजार की अच्छी समझ होती है। ऐसे में वह आपका पैसा सोच समझकर निवेश करता है, जहां रिटर्न बेहतर रहने की उम्मीद हो। वहीं म्यूचुअल फंड सिर्फ एक शेयर की बजाए अलग अलग शेयर में निवेश करते हैं। इससे एक में अगर जोखिम है तो दूसरे में यह कवर हो जाता है। आपका पैसा डेट फंड्स मे भी निवेश किया जाता है, जिससे अगर मार्केट में अस्थिरता भी आती है, तब भी पैसा सुरक्षित रहता है।

500 रुपए से भी शुरू कर सकते हैं निवेश

यह जरूरी नहीं है कि आप म्यूचुअल फंड में बड़ी रकम ही निवेश करें। आप म्युचुअल फंड में 500 रुपए से निवेश शुरू कर सकते हैं और बाद में निवेश बढ़ा सकते हैं। आप म्युचुअल फंड में दो तरह से निवेश कर सकते हैं। लंप सम और एसआईपी इन्वेस्टमेंट। लंप सम का मतलब है कि आप एक बार में बड़ी रकम म्युचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। वहीं एसआईपी के जरिए आप हर माह अपनी पसंद के म्युचुअल फंड में एक निश्चित रकम लंबे समय तक निवेश कर सकते हैं। इससे लंबी अवधि में थोड़ा थोड़ा करके आप बड़ी रकम निवेश कर सकते हैं।

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मिलता है टैक्स छूट का फायदा

इक्विटी म्युचुअल फंड जैसे इक्विटी लिंक्ड सेविंग ईएलएसएस में में साल में 1.5 लाख रुपए तक निवेश करने पर आपको टैक्स छूट मिलती है। इसके अलावा अगर आप इक्विटी म्युचुअल फंड में निवेश करते हैं, तो आपको जीरे लॉग टर्म कैपिटल गेन के तौर पर टैक्स फ्री रिटर्न मिलता है। हालांकि इसके लिए जरूरी है कि आपका निवेश कम से कम 1 साल तक बना रहे।

कभी भी निकाल सकते हैं पैसा

निवेश के विकल्प के रूप में म्युचुअल फंड की लोकप्रियता तेजी से बढऩे का सबसे बड़ा कारण यह है कि आप इसमें कभी भी निवेश कर सकते हैं और कभी भी अपना पैसा निकाल सकते हैं। वहीं अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट में पैसा जमा करते हैं तो समय से पहले पैसा निकालने पर आपको चार्ज देना होता है।

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म्यूचुअल फंड गारंटीशुदा रिटर्न

म्यूचुअल फंड निवशकों को रिटर्न की गारंटी नहीं देते क्योंकि वे बाजार के प्रदर्शन से जुड़े होते हैं। लिहाजा, बाजार में अगर तेजी है और यह बहुत अच्छा करता है, तो यह आपके फंड की वैल्यू में भी दिखाई देती है। हालांकि, बाजार का खराब प्रदर्शन आपके निवेश को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। पारंपरिक निवेश विकल्पों के उलट म्यूचुअल फंड पूजी की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करते हैं, इसलिए निवेशकों को ठीक से रिसर्च करनी चाहिए और फंड में निवेश करना चाहिए, जो उनके वित्तीय लक्ष्यों को पाने में मदद कर सकें।