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नई दिल्ली- तो लंबे समय से इस बीमारी से जूझ रहे थे केन्द्रीय मंत्री अनंत कुमार, देर रात हुआ निधन

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नई दिल्ली- न्यूज टुडे नेटवर्क: केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी सांसद अनंत कुमार का देर रात दो बजे निधन हो गया। अनंत कुमार कैंसर से पीड़‍ित थे और पिछले महीने ही न्यूयॉर्क स्थित कैंसर अस्पताल से इलाज कराकर लौटे थे। हालांकि देर रात तबियत बिगड़ने की वजह से उन्हें बेंगलुरू के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 59 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। अनंत कुमार के परिवार में उनकी पत्नी तेजस्विनी के अलावा दो बेटियां हैं।

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अनंत कुमार के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह समेत तमाम नेताओं ने दुख व्यक्त किया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने लिखा, ‘केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार के निधन का सुनकर मुझे दुख हुआ। उनका जाना देश और खासकर कर्नाटक के लोगों के लिए बड़ा झटका है। उनके परिवार, सहकर्मी और उनसे जुड़े अनगिनत लोगों के साथ मेरी संवेदना है।’

पीएम नरेंद्र मोदी ने लिखा, ‘मेरे सहकर्मी और दोस्त अनंत कुमार के निधन के बारे में सुनकर मुझे काफी दुख हुआ। वह शानदार नेता थे, जिन्होंने युवा के रूप में राजनीति में कदम रखा और अबतक अत्यंत परिश्रम और करुणा के साथ लोगों की सेवा में लगे थे। उन्हें हमेशा उनके अच्छे कामों के लिए याद किया जाएगा।’ पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने अनंत कुमार की पत्नी तेजस्विनी से भी बात की है।

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अनंत कुमार के निधन पर शोक जताया। उन्होंने लिखा, ‘केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। उनके परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी संवेदना है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।’

1987 में भाजपा में हुए थे शामिल

अनंत कुमार दक्षिण बेंगलुरु सीट से लोकसभा सांसद थे। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में उनके जिम्मे दो अहम मंत्रालय थे। मई 2014 से वह रासायन एंव उर्वरक मंत्रालय संभाल रहे थे, वहीं जुलाई 2016 में उन्हें संसदीय कार्य मंत्री बनाया गया था। अनंत कुमार बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के हमेशा करीब रहे। वह चाहे अटल बिहारी वाजपेयी या लालकृष्ण आडवाणी का दौर रहा हो या मौजूदा नरेंद्र मोदी का दौर। वह 1987 में भाजपा में शामिल हुए और फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

वह एबीवीपी के राज्य सचिव और राष्ट्रीय सचिव, भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और महासचिव रहे। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा के साथ कुमार उन चंद पार्टी नेताओं में शामिल थे, जिन्हें कर्नाटक में भाजपा के विस्तार का श्रेय दिया जा सकता है क्योंकि उन्होंने राज्य में संगठन को खड़ा किया और 2008 में पार्टी को राज्य की सत्ता तक पहुंचाया। दक्षिण भारत में तब भाजपा की पहली सरकार बनी थी।