inspace haldwani
inspace haldwani
Home साहित्य कविता-तुझसे ही होती हर पल मेरी पहचान है

कविता-तुझसे ही होती हर पल मेरी पहचान है

चौखुटियां- 24वीं पुण्यतिथि सुर सम्राट स्व गोपाल बाबू गोस्वामी जी को ऐसे किया याद, आज भी उनके ये गीत है अमर

चौखुटियां- उत्तराखंड के सुर सम्राट स्व गोपाल बाबू गोस्वामी जी की 24वीं पुण्यतिथि विगत सात वर्षों से मुंबई महानगरी में पर्वतीय झंकार टीम द्वारा...

क्या अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी वाकई गैरकानूनी है

  लेख रिपब्लिक इण्डिया चैनल के मुख्य संपादक अर्नब गोस्वामी की एक अपराधी के समान की गई गैरकानूनी गिरफ्तारी लोकतंत्र के इतिहास में बेहद अफसोस जनक है। वास्तव...

क्वाड देशो के मालाबार अभ्यास एवम 3 रफेल आने से चीन-पाक परेशान

  लेख अरुणांचल, लेह लद्दाख में चीन से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा ( एल ए सी) पर चल रहे तनाव के बीच भारत ने चीन को...

मन्‍दिर में नमाज पढ़ने के मसले को तूल देना उचित नहीं है, इससे हिन्‍दुत्‍व के उदारवादी रवैये पर कोई फर्क नहीं पड़ता

लेख यूपी के मथुरा में मंदिर में नमाज पढऩे के जुर्म में फैसल खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। फैसल और उनके साथियों के...

लीजिए हुक्म रानों ने पूरी कर दी आपकी कश्मी्र में बसने की ख्वाहहिश

लीजिए, हुक्मरानों ने आपकी कश्मीर में बसने की हसरत भी पूरी कर दी है। अब आपको पट्टे पर जमीन लेकर घर बसाने या कारोबार...

उत्तराखंड के लोकप्रिय वेब पोर्टल न्यूज टुडे नेटवर्क की ओर से स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आॅनलाइन कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसमें बालए युवा और वरिष्ठ सभी वर्गों के लोग प्रतिभाग कर सकते हैं। प्रतियोगिता में मेरे प्यारे वतन विषय पर देशभक्ति से ओत.प्रोत स्वरचित कविता लिखकर 20 अगस्त तक भेजनी है। इसके तहत हल्द्वानी की कवयित्री एकता बिष्ट की शानदार कविता पढ़िए-

तू जन्मभूमि मेरी, तू मातृभूमि मेरी, तू कर्मभूमि मेरी
तुझसे ही तो मेरा सम्मान है, तुझसे ही होती हर पल मेरी पहचान है।

तू देश है वीरों का, तेरी मिट्टी में बसती सबकी जान है,
लालों को करके कुर्बान तुझ पर, मां बताती अपनी कोख को धन्य जहान में है।

तू देश है वीरों का इस धरा में गूंजता हर पल तेरा गुणगान है,
सीमाओं पर खड़े सैनिक सदा बढ़ाते तेरा मान हैं,

धन्य खुद को बतलाकर तोड़ती हैं चूड़ियां, पोछती सिंदूर को
तेरी धरा में जन्मी ये बेटियां महान हैं, करती तेरा गुणगान हैं।

संस्कारों और सदाचार का पाठ घरों में पढ़ाया जाता है,
दर्द दूसरों का भी यहां अपना बनाया जाता है।

हर धर्म और जाति को मिलता मेरे देश में सम्मान है,
ऐ मेरे प्यारे वतन, तुझको मेरा प्रणाम है, तुझको मेरा प्रणाम है।

Related News

चौखुटियां- 24वीं पुण्यतिथि सुर सम्राट स्व गोपाल बाबू गोस्वामी जी को ऐसे किया याद, आज भी उनके ये गीत है अमर

चौखुटियां- उत्तराखंड के सुर सम्राट स्व गोपाल बाबू गोस्वामी जी की 24वीं पुण्यतिथि विगत सात वर्षों से मुंबई महानगरी में पर्वतीय झंकार टीम द्वारा...

क्या अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी वाकई गैरकानूनी है

  लेख रिपब्लिक इण्डिया चैनल के मुख्य संपादक अर्नब गोस्वामी की एक अपराधी के समान की गई गैरकानूनी गिरफ्तारी लोकतंत्र के इतिहास में बेहद अफसोस जनक है। वास्तव...

क्वाड देशो के मालाबार अभ्यास एवम 3 रफेल आने से चीन-पाक परेशान

  लेख अरुणांचल, लेह लद्दाख में चीन से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा ( एल ए सी) पर चल रहे तनाव के बीच भारत ने चीन को...

मन्‍दिर में नमाज पढ़ने के मसले को तूल देना उचित नहीं है, इससे हिन्‍दुत्‍व के उदारवादी रवैये पर कोई फर्क नहीं पड़ता

लेख यूपी के मथुरा में मंदिर में नमाज पढऩे के जुर्म में फैसल खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। फैसल और उनके साथियों के...

लीजिए हुक्म रानों ने पूरी कर दी आपकी कश्मी्र में बसने की ख्वाहहिश

लीजिए, हुक्मरानों ने आपकी कश्मीर में बसने की हसरत भी पूरी कर दी है। अब आपको पट्टे पर जमीन लेकर घर बसाने या कारोबार...

बरेली- आईएएस वीरेन्द्र कुमार ने किया अप्रतिम हिन्दी गीत शतक का संपादन, देखिये युवाओं को कैसे दे रहे हैं सीख

बरेली-हाल ही में वीरेन्द्र कुमार सिंह के सम्पादन में नयी किताब प्रकाशन नई दिल्ली से एक गीत संचयन अप्रतिम हिन्दी गीत शतक प्रकाशित हुआ...