हल्द्वानी-पहाड़ की मनीषा ने पेश की बड़ी मिसाल, ऐसे युवाओं को साथ लेकर बदल दी चार गांव के लोगों की जिंदगी

हल्द्वानी-देशभर में कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन हुआ तो लोग अपने घरों में कैद हो गये लेकिन कुछ लोगों ने लॉकडाउन का भरपूर फायदा उठाया। साथ ही लोगों के लिए एक मिसाल भी कायम की। उन्हीं में एक नाम जो इन दिनों खूब चर्चाओं में है। वह नाम है टुंडाचौड़ा की ग्राम प्रधान मनीषा बिष्ट का। उनके नेतृत्व में पिथौरागढ़ जैसे दूरस्थ जिले में गंगोलीहाट तहसील के टुंडाचौड़ा के युवाओं ने भी कुछ ऐसा ही कार्य किया, जिससे उनकी आज वाहवाही हो रही है। इसके पीछे पूरी प्लानिंग तैयार करने वाली गांव की ग्राम प्रधान मनीषा बिष्ट थी। जिनकी बदौलत आज गांव के युवाओं ने गांव आने के लिए सडक़ का निर्माण कर डाला।

govind singh

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टुंडाचौड़ा की ग्राम प्रधान मनीषा बिष्ट ने बताया कि करीब सात साल पहले उसकी शादी टुंडाचौड़ा में गोविंद सिंह हुई तो उसे 4 किलोमीटर का सफर पैदल तय करके आना पड़ा। बाद में उसने अपने पति गोविंद सिंह ने इस बारे में पूछा कि आखिर गांव में सडक़ क्यों नहीं है। इस पर गोविंद सिंह ने कहा कि वह सरकार, जनप्रतिनिधि और अधिकारियों से वह कई बार गांव के लिए सडक़ की मांग कर चुके है लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनीं। शहर में रहने के चलते वह लगातार गांव में सक्रिय नहीं हो पाते है। ऐसे में सडक़ बनाना एक सपने से कम नहीं था। सात साल के इंतजार के बाद आखिर वह दिन आ गया जब मनीषा बिष्ट ने गांव के युवाओं को साथ लेकर खुद सडक़ बनाने की योजना तैयार की।

Manisha bisht

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कोरोना काल में गांव के कई युवा पहाड़ लौट आये है। बस मनीषा को इसी दिन का इंतजार था। उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर गांव के युवाओं को अपनी योजना बताई तो सभी ने हामी भर दी। साथ ही सडक़ के लिए गांव के लोग अपने खेत देने को भी तैयार हो गये। बस फिर क्या था ग्राम प्रधान मनीषा बिष्ट के नेतृत्व में गांव के युवा गैंती, फावड़ा और कुदाल लेकर श्रमदान से सडक़ बनाने में जुट गई। उन्होंने एक दिन में 60 मीटर मार्ग काट डाली। उनका लक्ष्य तीन किलोमीटर तक सडक़ तैयार करना है।

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इस सडक़ को दोपहिया वाहनों के लिए बनाया जा रहा है। यह सडक़ चार गांव को जोड़ेगी। जिसमें टुंडाचौरा, इटाना, दुगईआगर और खेती गांव शामिल है। प्रधान पति गोविंद सिंह ने बताया कि शहरों से लौट आये युवा हर दिन 4 से 5 घंटे काम कर रहे है। काम के दौरान सोशल डिस्टेसिंग का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उनका लक्ष्य तीन किलोमीटर तक सडक़ तैयार करना है जिससे गांव में दोपहिया वाहनों से हर जरूरी सामान पहुंच सकें। इस कार्य में उनकी पत्नी ग्राम प्रधान मनीषा बिष्ट ने उनका हौंसला बढ़ाया। मनीषा आज पहाड़ की महिलाओं के लिए एक मिसाल बनकर सामने आयी है। मनीषा जैसी पहाड़ की नारी आज पूरे प्रदेश में वाहवाही हो रही है। पूरा गांव उनके इस कार्य की सराहना कर रहा है।

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