खरमास के अवसर पर नहीं होंगे मांगलिक कार्य, जानिए क्या होता है खरमास

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शनिवार 14 मार्च से खर-मास शुरू हो रहा है जानकारी के अनुसार शुरू हो रहे खर-मास के समय में कोई भी शुभ कार्यक्रम सम्मपन्न नही किए जाते है। ऐसा इसलिए होता क्योकि कुमाऊं के कई स्थानों में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खर-मास का समय अशुभ माना जाता है। लेकिन उत्तराखण्ड में शास्त्रों के अनुसार खर-मास के समय को महत्व दिया जाता है।

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खर-मास के समय को लेकर लोगों द्वारा विवाह, गृह.प्रवेश, चूड़ा कर्म आदि कोई भी मांगलिग कार्यक्रम नही किए जाते हैं। ज्योतिषाचार्य विजेन्द्र प्रसाद ममगाई ने बताया कि खर-मास का समय मीन राशी के लोगों पर अधिक प्रभाव डालता है। ऐसे में मीन राशी के लोगों के शरीर में कम्पन की समस्या व ताप की कमी आ सकती है। इससे बचने के लिए मीन राशी के लोगों को ऊर्जा अधिक मात्रा में लेनी चाहिए और स्वास्थ्य पर खास ध्यान देना होगा। खर-मास का यह समय 12 अप्रैल तक जारी रहेगा।

 

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