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मंडी-पेट दर्द से कराह रहा था मरीज, डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया तो पेट से निकले 8 स्टील के चम्मच, एक नुकीला चाकू, दो टूथ ब्रश, दो पेचकश

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मंडी-आपने सुना होगा कि मरीज के पेट से बाल निकले, कभी कैची निकली, कभी लोहे टुकड़े निकले लेकिन हिमाचल प्रदेश में एक चौकाने वाला मामला सामने आया। जिसे देखकर डॉक्टर भी दंग रह गये। वही लोग घटना के बाद हैरान है। इस खबर को लेकर लोगों को यकीन भी नहीं हो रहा है। लेकिन खबर सच है। यहा मंडी में एक युवक के पेट का ऑपरेशन
हुआ। डाक्टरों ने जब ऑपरेशन किया तो सभी एक-दूसरे का मुंह देखने लग ये और आश्चर्यचकित रह गये। युवक के पेट से 8 स्टील के चम्मच, एक नुकीला चाकू, दो टूथ ब्रश, दो पेचकश और एक दरवाजे की कुंडी निकली। डॉक्टर इस ऑपरेशन को कराने में सफल रहे। बताया जा रहा है कि मरीज की हालत खतरे से बाहर है। लेकिन पेट से ऐसी चीजें निकलना पूरे प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना है।

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एक्स-रे कराने पर चला पता

बताया जा रहा है कि मंडी में लाल बहादुर शास्त्री सरकारी मेडिकल एवं अस्पताल में एक शख्स को पिछले दिनों गंभीर हालत में भर्ती किया गया। वह तेज पेट दर्द से कराह रहा था। उसका दर्द देख डॉक्टर भी हैरान थे। बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले कर्ण सेन नामक युवक सुंदरनगर के पुराना बाजार स्थित हेल्थ केयर क्लीनिक में गया था। जहां उसने डॉक्टर को बताया कि उसके पेट पर एक पिंपल हुआ है, जब डॉक्टर ने चैक किया तो पता चला कि वह पिंपल नहीं एक नुकीला चाकू है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज नेरचौक रैफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज के सर्जन ने मरीज कर्ण सेन का एक्स-रे करवाने के लिए कहा और जैसे ही रिपोर्ट देखने के बाद मरीज के पेट के अंदर कई चीजों की मौजूदगी मिली तो डॉक्टर के भी होश उड़ गए। उसी समय कर्ण का ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।

20 साल से मानसिक तौर से था परेशान

मेडिकल कॉलेज के सर्जन डॉ. निखिल सोनी, डॉ. सूरज भारद्वाज और डा. रनेश की टीम ने चार घंटे तक कर्ण के पेट का सफल ऑपरेशन कर 8 स्टील के चमच, एक नुकीला चाकू, दो टूथ ब्रश, दो पेंचकस और एक दरवाजे की कुंडी पेट से बाहर निकाली। चिकित्सकों ने भी अपने आप में इसे एक दुर्लभ केस मान रहे हैं। उसके भाई मुनीश ने बताया कि कर्ण पिछले 20 सालों से मानसिक तौर पर परेशान चल रहा था और वह लगातार दवाईयों को सेवन भी कर रहा था लेकिन पेट दर्द ठीक नहीं हुआ वह कई अस्पतालों से उपचार करा चुके है लेकिन आज तक किसी को पता नहीं चला उसके पेट में इतनी सारी चीजें है। एक्स-रे के बाद उसका परिवार और डॉक्टर चौक गये। अब कर्ण खतरे से बाहर है।

बेजोआर बीमारी है इसका मेडिकल नाम

मेडिकल कॉलेज के सर्जन व मरीज की सर्जरी करने वाल एक चिकित्सक ने बताया कि मानसिक रूप से बीमार कोई भी व्यक्ति इस तरह की चीजें आसानी से अपने अंदर निगल लेता है। उसे इस बात का कोई एहसास ही नहीं होता कि वह क्या खा रहा है। जबकि आम आदमी इस तरह की चीजों को गले से अंदर नहीं निगल पाता। इस खाना समझकर मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति निगल लेता है। जो पेट में जमा होती रहती है। मरीज के इनर सिस्टम के चोक होने पर जब यह चीजें प्रॉब्लम करती है तभी इनका पता चलता है। इस तरह के मरीज को मेडिकल भाषा में बेजोआर बीमारी के नाम से जाना है।