महाशिवरात्रि विशेष : ये मुस्लिम परिवार 500 वर्षों से करता आ रहा भगवान शिव की पूजा-अर्चना, मंदिर की खुद करते हैं साफ-सफाई

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नई दिल्ली-न्यूज टुडे नेटवर्क : धर्म चाहे कोई भी हो इंसानियत में भेदभाव नहीं सिखाता है, ईश्वर तो एक ही है बस उसके नाम अलग अलग है लेकिन धरती पर आने के बाद हम हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध, फारसी और भी ना जाने किन किन समुदाय में बंट गए। धर्म के नाम पर खुद को भी अलग कर लिया लेकिन इसके विपरीत गुवाहाटी के रहने वाले एक इंसान, जिनका नाम है मतिबर रहमान ये मुस्लिम परिवार बीते कई पीढिय़ों से शिव मंदिर की देखभाल व पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं।

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500 साल से भी ज्यादा पुराना है शिव मंदिर

असम के गुवाहाटी के रंगमहल गांव में 500 साल से भी ज्यादा पुराना भगवान शिव का मंदिर है। मंदिर की देखभाल करने वाले मतिबर रहमान ने बताया कि उनका घर मंदिर के पास ही है और यहां हिंदुओं के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय के लोग भी भगवान शिव की आराधना करते हैं। ये मुस्लिम परिवार बीते कई सालों से यहां मौजूद भगवान शिव के एक मंदिर की देखभाल करता आ रहा है।

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7 पीढ़ी से परिवार के पास है जिम्मेदारी

गोवहाटी के रंगमहल के एक मुस्लिम गांव में मोतिबुर रहमान के घर के पास एक शिव मंदिर है। ये मंदिर ‘भांगुरा थान’ के नाम से मशहूर है। मुस्लिमों के इस गांव में मोतिबर का परिवार भांगुरा थान का सात पीढिय़ों से देखभाल करता आ रहा है। मोतिबर सुबह फजर की नमाज के बाद और मगरिब की नमाज के बाद भांगुरा थान की साफ-सफाई करते हैं। साफ-सफाई के बाद यहां शिव पूजा में गांव के हिंदुओं के साथ मुस्लिम समुदाय के लोग भी शामिल हो जाते हैं। रहमान ने बताया कि पहले उनके पिता इस मंदिर का रख-रखाव करते थे और उनके निधन के बाद उन्होंने खुद इसकी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली। इतना ही नहीं 71 वर्षीय रहमान ने कहा कि उनके बाद उनका बेटा भी इस मंदिर की देखभाल करेगा।

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बड़े ही धूमधाम से मनाई जाती है शिवरात्रि

मतिबर रहमान के परिवार का मानना है कि भांगुरा थान की वजह से उनका गांव बुरे साये, बीमारी और दूसरी मुसीबतों से बचा है। रहमान ने बताया कि उन्होंने अपने पीढिय़ों की परंपरा को बरकरार रखा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि मंदिर में हिंदू और मुस्लिम के साथ सभी धर्मों के लोग एक साथ पूजा-पाठ करते हैं। गंगा-जमुनी तहजीब पर चार चांद लगा रहा ये मुस्लिम परिवार मंदिर में नियमित रूप से भगवान शिव के सामने दीया भी जलाते हैं। गौरतलब है कि देश की इस खूबी को दर्शाते हुए आए दिन ऐसी शानदार खबरें सामने आती रहती हैं। थान में हर रोज पूजा-पाठ के साथ बड़े धूमधाम से शिवरात्रि भी मनाई जाती है।