लोसचुनाव : अमेठी की सडक़ों पर उतरा गांधी परिवार, राहुल गांधी ने किया नामांकन, अमेठी की जनता ने बोल दी ये बड़ी बात

अमेठी, न्यूज टुडे नेटवर्क : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी केरल के वायनाड के बाद अब यूपी के अमेठी से भी पर्चा दाखिल कर दिया। उनके नामांकन जुलूस में सोनिया गांधी सहित समूचा गांधी परिवार अमेठी की सडक़ों पर उतर आया। नामांकन से ठीक पहले आयोजित करीब तीन किलोमीटर लंबा रोड शो करके राहुल गांधी ने अपनी ताकत का अहसास कराया। तीन किमी लंबे इस रोड शो के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फूल और मालाओं के साथ राहुल गांधी का जोरदार स्वागत किया। राहुल गांधी, प्रियंका और रॉबर्ट वाड्रा ने हाथ हिलाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया। बता दें कि अमेठी में छह मई को वोट डाले जाएंगे।

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रोड शो में दिखा कांग्रेस का दम

अमेठी जिलाधिकारी कार्यालय में नामांकन से पहले राहुल गांधी ने रोड शो के जरिए कांग्रेस की ताकत का अहसास कराया। उनके रोड शो की खास बात ये थी कि पूरा परिवार साए की तरह उनसे चिपका रहा। राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी, उनके जीजा राबर्ट वाड्रा और भांजे भांजी सब लोग मौजूद थे। राहुल गांधी का कारवां आगे बढ़ता रहा और समर्थक एक एक कर उस कारवां का हिस्सा बनते गए। अमेठी, कांग्रेस के रंग में डूब चुकी थी। हर तरफ सिर्फ एक आवाज थी कि राहुल गांधी देश की जरूरत हैं और अमेठी को राहुल गांधी की आवश्यकता है।

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डेढ़ घंटे किया रोड शो

करीब डेढ़ घंटे के बाद रोड शो जिलाधिकारी के दफ्तर के बाहर पहुंचा। निर्वाचन आयोग के नियमों को ध्यान में रखकर राहुल गांधी अपने प्रस्तावकों और वकील के साथ दफ्तर में दाखिल हुए। नामांकन के दौरान सोनिया गांधी भी मौजूद थीं और एक बेटे को एक मां शूभाशीष दे रही थी। हालांकि सोनिया गांधी, रोड शो का हिस्सा नहीं थीं। करीब 15 मिनट की औपचारिकता के बाद राहुल गांधी ने अपना नामांकन दाखिल किया और इस तरह से उनकी पहचान में एक और इजाफा हुआ कि अब वो अमेठी से कांग्रेस के उम्मीदवार भी हैं।

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वायनाड से भी चुनाव लड़ रहे हैं राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष केरल की वायनाड सीट से भी उम्मीदवार हैं। ये बात अलग है कि उनके इस सियासी फैसले की बीजेपी आलोचना कर रही है। बीजेपी के दिग्गज नेताओं का कहना है कि अमेठी में राहुल गांधी को हार का डर है इसलिए उन्हें वायनाड जैसी सीट की तलाश करनी पड़ी। हालांकि बीजेपी के आरोपों पर कांग्रेस ने सफाई देते हुए कहा कि यह एक ऐसे शख्स की लोकप्रियता है जो उत्तर भारत के साथ साथ दक्षिण भारत में भी लोकप्रिय हैं। एक और सवाल जब कांग्रेस से पूछा गया कि वायनाड और अमेठी दोनों जगहों से जीत हासिल होने पर वो किस सीट का रखना पसंद करेंगे। इस सवाल का जवाब कांग्रेस की तरफ से कूटनीतिक अंदाज में दिया गया था।

अमेठी की जनता की राय

इन सबके बीच हमने गौरीगंज के रहने वाले अखिलेश सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि अब हालात बदल चुके हैं। अमेठी में एकतरफा मुकाबला नहीं होगा। 23 मई को ये साफ होगा कि यह सीट किसके खाते में जाती है। लेकिन राहुल गांधी के लिए चुनौती ज्यादा है। कुछ इसी तरह की राय सलोन के रहने वाले मोहम्मद मुस्तफा की है। वो कहते हैं कि अगर एसपी-बीएसपी गठबंधन का उम्मीदवार मुकाबले में होते तो निश्चित तौर पर राहुल गांधी की हार होती। इसके साथ ही सलोन के रमेश पासी ने कहा कि इस दफा माहौल बदला हुआ है। राहुल गांधी के सामने चुनौती है और स्मृति ईरानी को हलके में नहीं लिया जा सकता है।