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हद हो गई : यहां तो लोग बिच्छू का कर रहे नशा, जानिए क्या कहते हैं मनावैज्ञानिक

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नई दिल्ली-न्यूज टुडे नेटवर्क : नशा ऐसी चीज है जो आपको एक बार पकड़ ले तो आप उससे भाग नहीं सकते फिर इससे और कितना भी बच लें, लेकिन आप इससे पीछा नहीं छुड़ा सकते। आज हम आपको ऐसे ही एक नशे के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें लोग नशे की चरम सीमा तक पहुंचने के लिए सिगरेट में बिच्छू भरकर पी रहे हैं। जहरीले जीवों का नशा, चरस-गांजा से ज्यादा पावरफुल होता है। इसलिए लोग बिच्छुओं को पकडक़र उन्हें मारकर धूप में सुखाते हैं। सूखने के बाद वह उसका पाउडर बनाकर कागज में भरकर स्मोक करते हैं।

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सिगरेट में बिच्छू भरकर पीते है लोग

दरअसल, पाकिस्तान पख्तूनख्वा प्रांत वह जगह है जहां पर प्रचुर मात्र में गांजा, अफीम और चरस मिलता है। लेकिन कुछ गांवों के लोग इन पुराने नशों से बोर होने लगे हैं। इसलिए अब जानवरों का नशा करने लगे हैं। वे अब बिच्छू मारकर पी रहे हैं। क्योंकि सबसे बुरा है जहरीले जानवरों का नशा, जो चरस-गांजे और हेरोइन से बहुत पावरफुल होता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि ये नशा करने से चेहरा पूरा लाल हो जाता है और वह करीब 10 घंटे तक खुद को सबसे पावरफुल समझता है।

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जा सकती है याददाश्त

यह उस व्यक्ति की मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रियाओं को ट्रिगर करता है, जो इसे पीता है। इससे याददाश्त भी जा सकती है। बिच्छू के जहर में जो ड्रग मिलता है, वह बेहद जहरीला होता है, जिससे कई लोगों की जान भी चली जाती है।

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ऐसे किया जाता है इस्तेमाल

सबसे पहले बिच्छू को मार दिया जाता है। इसके बाद उन्हें धूप में सुखा लिया जाता है और फिर उसका पाउडर बनाया जाता है। इस पाउडर को एक कागज में भरकर उनका धूम्रपान किया जाता है। और ज्यादा नशा करने के लिए पाउडर में अफीम और तंबाकू के साथ मिलाया जाता है। बिच्छू के जहर में जो ड्रग मिलता है, वह बेहद जहरीला होता है, जिससे कई लोगों की जान चली जाती है।