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करवाचौथ 2019 : क्या कुंआरी लड़कियों को करवाचौथ का व्रत रखना चाहिए, व्रत रखें तो कैसे ?

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करवाचौथ 2019 – इस साल करवाचौथ 17 अक्टूबर को पड़ रहा है। पौराणिक परंपराओं के अनुसार इस दिन शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत करती हैं। पहले इस व्रत को शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए करती थीं लेकिन आजकल कुवांरी कन्याओं में भी करवाचौथ का व्रत रखने की इच्छा दिखती है। लेकिन क्या शादी के बिना करवाचौथ का व्रत रखना सही है?

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क्या कहते हैं ज्योतिष

ज्यातिषों के अनुसार, कुंवारी लड़कियां भी करवाचौथ का व्रत रख सकती हैं। इससे करवा माता का आशीर्वाद ही मिलेगा, कोई नुकसान नहीं होगा। ज्यादातर कुंवारी लड़कियां अपने प्रेमी और मंगेतर के लिए व्रत करती हैं। अगर आपका कोई भी अभी किसी से रिश्ता नहीं बना है तो आप भी अपने भावी पति का ख्याल कर व्रत रख सकती हैं। अविवाहित लड़कियों को भी करवाचौथ व्रत का पालन सामान्य नियम के अनुसार ही करना होता है, लेकिन पूजा करते समय इनके लिए कुछ नियम बदल जाते हैं। अगर आप अपने प्रेमी या मंगेतर के लिए व्रत नहीं रख रहीं हैं तो निर्जल व्रत रखने के बजाय निराहार व्रत रहें।

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क्यों रखती हैं कुंआरी लड़कियां व्रत ?

मान्यता के अनुसार कुछ जगहों पर कुंआरी लड़कियां भी करवा चौथ का व्रत रखती हैं। कुंआरी लड़कियां करवा चौथ का व्रत 4 कारणों से करती हैं। पहला मनोवांछित पति की प्राप्ति के लिए, दूसरा मंगनी हो गई है तो मंगेतर के लिए, तीसरे यदि किसी के साथ प्रेम के रिश्ते में है तो उसके लिए और चौथा अपने भावी पति के लिए। कहते हैं कि अविवाहित लड़कियां यदि यह व्रत रखती हैं तो उन्हें करवा माता का आशीर्वाद मिलता है और सेहत में भी सुधार होता है।

कैसे रखती हैं कुंआरी लड़कियां यह करवाचौथ व्रत ?

कुंआरी लड़कियों को भी व्रत का पालन सामान्य नियमानुसार ही करना होता है लेकिन व्रत में पूजा से संबंधित कुछ नियम बदल जाते हैं। इस दौरान उन्हें किसी से सरगी नहीं मिलती इसलिए उन्हें भी किसी को सुहाग का सामान नहीं देना होता है।

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कुंआरी लड़कियों के लिए ये हैं नियम

इस दिन कुंआरी लड़कियां निर्जल की जगह निराहार व्रत रख सकती हैं और चांद को न देखकर तारों को देखकर अपना व्रत खोलती हैं। तारे देखने के लिए छलनी का इस्तेमाल नहीं करना होता है, क्योंकि उन्हें छलनी में किसी की सूरत भी नहीं देखनी होती है। चांद की जगह तारों को अर्घ्य दिया जाता है। इसलिए उन्हें तारों को देखकर व्रत खोलना होता है। साथ ही उन्हें शिव और पार्वती का पूजन भी करना होता है। माता पार्वती से प्रार्थना कर होने वाले पति की लंबी उम्र की कामना भी की जाती है।

करवाचौथ्र व्रत अविवाहित लड़कियां मनोवांछित पति की प्राप्ति के लिए करती हैं। यदि आपकी शादी तय हो गई है, तब आप चांद देखकर अपने मंगेतर की फोटो देखकर व्रत खोल सकती हैं। इसके अलावा कुंवारी लड़कियों को करवाचौथ का व्रत रखने से उन्हें सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है।