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कविता-भारत का हर कण-कण मुझको है प्राणों से प्यारा

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उत्तराखंड के लोकप्रिय वेब पोर्टल न्यूज टुडे नेटवर्क की ओर से स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आॅनलाइन कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसमें बाल, युवा और वरिष्ठ सभी वर्गों के लोग प्रतिभाग कर सकते हैं। प्रतियोगिता में मेरे प्यारे वतन विषय पर देशभक्ति से ओत.प्रोत स्वरचित कविता लिखकर 20 अगस्त तक भेजनी है। इसके तहत आरसीएम बसोट से मोहन चंद्र की शानदार कविता पढ़िए-

भारत का हर कण-कण मुझको है प्राणों से प्यारा
इसकी रक्षा करना ही अब है संकल्प हमारा
मां मुझको इतनी शक्ति दे, तेरे काम में आउं
देश प्रेम में प्रेरित होकर ही कर्तव्य निभाउं
विश्व पटल पर भारत माता, फिर से छा जाए
हर क्षेत्र में उन्नति कर हम इसका मान बढ़ाएं
गांधी, मोदी जी के सपने, हम साकार बनाएं
करें कर्म हम इतना उंचा, जग में नाम कमाएं
नहीं झुकें हम किसी के आगे ना ही हाथ फैलाएं
इतनी मेहनत करें कि भारत, आत्मनिर्भर बन जाए
मैं गर्वित हूं इसी धरा पर मैंने जन्म लिया है
जहां प्रभु ने स्वयं कर्म कर, पावन इसे किया है।

 

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