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Jaundice Test: विकसित की गई नई तकनीक, नवजात शिशुओं में ऐसे होगी पीलिया जांच

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कोरोना महामारी के संक्रमण को देखते हुए एक ऐसे उपकरण को विकसित किया गया है जिससे नवजात शिशुओं (New born child) में पीलिया की जांच अब उन्हें छुए बगैर और बिना ब्लड टेस्ट के हो सकेगी। उपकरण एजेओ-नियो (AJO-Neo) की मदद से शिशु के नाखून पर प्रकाश की किरणें डालकर रक्त में बिलीरुबिन का स्तर महज तीन सेंकेंड में पता लगाया जा सकता है।
new-born
कोलकात्ता स्थित एस. एन. बोस नेशनल सेंटर फार बेसिक साइंसेज के शोधकर्ता प्रोफेसर समीर. के. पाल की टीम ने इसे विकसित किया है। यह स्पेक्ट्रोमेट्री तकनीक (spectrometry technology) पर आधारित है। इस प्रोजेक्ट पर प्रोफेसर पाल के साथ काम कर रहे एनआरएस मेडिकल कालेज कोलकात्ता के शिशु रोग विशेषज्ञ असीम कुमार मल्लिक ने बताया कि इसके नतीजे सटीक हैं।

इसकी रिपोर्ट के आधार पर हम बच्चों में पीलिया की जांच (jaundice test) के बाद उनका आगे उपचार कर रहे हैं। अभी पीलिया की जांच के लिए टोटल सीरम बिलीरुबिन टेस्ट होता है। जिसमें रक्त का नमूना (blood sample) लेने के बाद करीब 4 घंटे में रिपोर्ट आती थी। इसमें संक्रमण फैलने का खतरा भी रहता है। नवजात शिशुओं में हर 16 घंटे के बाद वह टेस्ट रिपीट किया जाता है ताकि उपचार के फायदे को देखा जा सके।
                          http://www.narayan98.co.in/
narayan college                        https://youtu.be/yEWmOfXJRX8

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