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2019 में क्या कहती है नरेन्द्र मोदी की कुंडली, क्या दूसरी बार फिर प्रधानमंत्री बनने जा रहे मोदी ?

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नई दिल्ली-न्यूज टुडे नेटवर्क : 2019 लोकसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है। जिसमें देश की सभी पार्टियों ने अपना-अपना गणित बैठाना शुरू कर दिया है। इंटरनेट पर मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्म 17 सितंबर, 1950 11 :39 बजे मेहसाणा (बडनगर) गुजरात में हुआ था। जिस हिसाब से इनकी कुंडली वृश्चिक लग्र की बनती है। कुंडल में लक्ष्मी नारायण योग मंगल और चंद्रमा का साथ में है। कुंडली में नीच का राहु पांचवे भाव में है, जिस कारण इन्हें पैतृक सुख नहीं मिलेगा। सातवें भाव के अंदर शुक्र और शनि की युति है। इसके साथ ही इनकी कुंडली में भाव 11 में सूर्य, केतु और राहु के मिलने के कारण ग्रहण दोष बन रहा है। सातवां भाव बहुत पीडि़त है समुदाय अष्टकवर्धक के अंदर ये मात्र 24 बिंदु लिए हुए हैं जिस कारण ये दाम्पत्य जीवन का आंनद नहीं उठा पाए और हमेशा देश की सेवा में तत्पर रहे।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पॉलिटिकल कैरियर की

वर्तमान में चंद्रमा की महादशा में केतु की अंतरर्दशा चल रही है जो 10 मार्च 2019 के अंदर खत्म होगी। इनकी कुंडली के मुताबिक जब से चंद्रमा में केतु ने प्रवेश किया है इनकी लाइफ में काफी मुसीबते हैं और इन पर बेबुनियाद आरोप भी लगे हैं। केतु इनकी कुंडली में नीच का है और सूर्य के नक्षत्र में है लेकिन ये बुध के परिणाम दे रहा है यो कि आयुष और लावेश का स्वामी है। 10 मार्च 2019 के बाद चंन्द्रमा के अंदर शुक्र के अंतर्दशा चलेगी। शुक इस कुंडली में 10वें भाव में बैठा हुआ है। सप्तमेश और द्वादेश का स्वमी है।

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चूंकि नरेन्द्र मोदी अपने जन्म स्थान से बाहर हैं इसलिए इनकी कुंडली का 12वां सुचारू रूप से काम कर रहा है और शुभ रिजल्ट दे रहा है। ज्योतिष के अनुसार जो व्यक्ति अपने जन्म स्थल से जनदीक रहकर बिजनेस या कोई भी कामकाज करता है कुंडली का 12वां भाव इसके बुरे परिणाम देता है। मोदी जी की कुंडली के अनुसार वो अपने जन्म स्थल से बाहर रहकर काम कर रहे हैं। इसलिए उनको शुभ फल प्राप्त होंगे।

एक नजर प्रधानमंत्री की कुंडली पर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किस्मत के बहुत धनी हैं, हर मोड़ पर किस्मत इनका अच्छा साथ देगी। आने वाले समय में ऐसी स्थिति दिखाई देती है कि 10 मार्च 2019 से लेकर 8 नवंबर 2020 के बीच के अंदर का समय इनके लिए बहुत ही शुभ रहेगा। अगर इनकी कुंडली पर नजर डाली जाए तो इन पर साढ़ेसाती चल रही है, 2014 में इनकी कुंडली पर विद्यमान थी, जो इनके लिए काफी शुभ मानी गई है। बता दें कि साढ़ेसाती ने ही इनको प्रधानमंत्री बनाया था।

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नरेन्द्र मोदी दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री अवश्य बनेंगे !

अगर हम बात करें 2019 की तो, इन सभी ग्रहों के संकेतो को मिलाकर निष्कर्ष यह निकलता है अगामी लोकसभा चुनाव 2019 मोदी के लिए कठिन संघर्षो भरा रहेगा। किन्तु केतु आपकी कुण्डली में लाभ भाव में बैठकर जनता के कारक भाव पचंम को सप्तम दृष्टि से देख रहा है। केतु ध्वज का प्रतीक है, इसलिए एक बार फिर से मोदी का झण्डा केतु ऊंचा करेगा। अप्रैल में सूर्य का प्रत्यन्तर शुरू हो जायेगा। इसी दौरान लोकसभा चुनाव होने के संकेत है। सूर्य भी लाभ भाव में बैठकर पंचम भाव को देख रहा है। अंक ज्योतिष के अनुसार अगली 17वीं लोकसभा होगी और 17 तारीख मोदी का जन्मदिवस है। यह एक बहुत ही शुभ संयोग है। इन सभी ज्योतिषीय तथ्यों के आधार पर मैं पूर्ण विश्वास के साथ कह सकता हूं कि 17वी लोकसभा में पूर्ण बहुमत के साथ तो नहीं लेकिन नरेन्द्र मोदी दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री अवश्य बनेंगे।