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ये है हल्द्वानी के असुरक्षित कोचिंग संस्थान, बच्चों की जान को जोखिम में डालकर ऐसे करा रहे है पढ़ाई

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सूरत के कोचिंग सेंटर में हुए भीषण आग हादसे में कई मासूम प्रशासन की लापरवाही की बलि पहले ही चढ़ चुके हैं। इस आग की लपटे अब हल्द्वानी की ओर आती नजर आ रही है। अग्निशमन विभाग की माने तो जिलाधिकारी के निर्देश के बाद नगर के सभी कोचिंग सेंटरों में ताबड़तोड़ कार्यवाई की जा रही है। जिसमें से अधिकतर कोचिंग सेंटरो में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा राम भरोसे है। हल्द्वानी के 35 कोचिंग सेटरों की सूची अग्निशमन विभाग द्वारा तैयारी की गई है। जिसमें हजारों की संख्या में छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे है। विभाग की माने तो सूरत जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने की जांच में ज्यादातर कोंचिग सेंटर फिसड्डी साबित हुए। जिन्होंने इस तरह की घटना से निपटने के नहीं बल्कि दावत देने के पूरे इंतजाम कर रखे थे।

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सूरत कांड के बाद ऐक्टिव हुआ प्रशासन

बता दें कि नगर में आये दिन नये कोचिंग सेंटर लगातार खुल रहे है। बच्चों की जानमाल की परवाह करे बिना ये कोचिंग संचालक संक्रिय स्थानों में भी अपनी कोचिंग बेधड़क चला रहे है। जिसकी देखरेख न तो वहा पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के परिजन करते है, और न ही प्रशासन द्वारा इस ओर कोई ध्यान दिया जाता है। वही हाल हीं में गुजरात के सूरत में कोचिंग सेंटर में आग की वजह से 20 छात्र-छात्राओं की जान जाने के बाद जिला प्रशासन एक्टिव हुआ है। घटना के बाद नैनीताल जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन द्वारा जिले के सभी एसएडीएम को पुलिस और अग्निशमन विभाग के साथ मिलकर टीम गठित कर सभी कोंचिग, हॉस्पिटल, कांप्लैक्स, स्कूलों व अन्य व्यवसाय केंद्रो की जांच के आदेश दिये गए थे। वही आग बुझाने के उपकरण न पाये जाने पर कार्यवाई करने के निर्देश भी जारी किये गए थे। जिसका पालन करते हुए नगर में इस तरह कार्यवाई अमल में लाई गई।

हल्द्वानी के 35 कोचिंग संस्थानों की हुई जांच

अग्निशमन विभाग के अधिकारी जगदीश कुमार ने बताया कि नगर के सभी कोचिंग संस्थानों में आग लगने की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था कितनी ठीक है इसकी जांच जारी है। जांच के दौरान पाया गया कि अधिकतर कोचिंग सेंटरों द्वारा सुरक्षा के मानक पूरे नहीं किये जा रहे है। ज्यादातर कोचिंग सेंटरों में एग्जिट प्वाइंट ही नही हैं ऐसे में फायर विभाग की एनओसी लिए बिना ही कई बड़े कोचिंग सेंटर लंबे समय से संचालित हो रहे हैं खुद फायर विभाग के अधिकारियों का भी मानना है की इक्का-दुक्का कोचिंग सेंटर ऐसे हैं जिन्होंने उनसे एनओसी ली है और बाकी सब अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं फायर विभाग के अधिकारियों ने सूरत हादसे के बाद 35 कोचिंग सेंटरों की जांच की तो उसमें से केवल दो कोचिंग सेंटर ही मानकों का पालन करते नजर आए हालांकी अग्निशमन विभाग जल्द ही सभी पर कार्रवाई की बात कर रहा है। उन्होंने बताया कि पहली चरण की कार्यवाई में सभी को एक हफ्ते की मोहल्त देकर सभी इंतजाम पुख्ता करने के निर्देश दिये गए है। इसके बावजूद लापरवाही बरतते पाये जाने पर इन सभी के खिलाफ कार्यवाई की जाएगी।

इन कोचिंग सेंटरों में नहीं है बच्चे सुरक्षित

ग्लोबल सेंटर, एचिवर्स स्टडी सेंटर, कनवर्जन इंस्टिट्यूट, एक्सट्रा मार्क्स, ऐडलाईन सी.ए, आई.सी.एम.आई, ड्रीम जोन, ड्रीम स्वीपर्स, देवभूमि आईएएस एकेडमी, संजीवनी एकेडमी, कैटलिस्ट, सर्वोदय आइएएस एकेडमी, ब्लूनी क्लासेज, लैंसर, ड्रिन जोन, यूरोप स्टडी सेंटर, महेन्द्रा एजुकेशन, सैनिक एकेडमी, सुप्रीम आईएएस एकेडमी, प्लाईं विंग, डीजीटल जोन, एफिन टैक्नालॉजी, रोहित सती, इन्टेलिजेन्टस, आशा एक्सीलेन्स, आर्मी डिफेन्स एकेडमी, संकल्प, अर्जुन एकेडमी, कैरियर लॉन्चर, तारा ग्रामर, पैरामाउन्ट, ऐमआईएस, जीत आईएएस के नाम शामिल हैं।