Hi-tech होगा उत्तराखंड में ट्रैफिक सिस्टम, जाम के झाम को दूर करने त्रिवेंद्र सरकार उठाएगी ये कदम

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Uttarakhand news, बड़ती जाम की फजियद से निपटने के लिए उत्तराखंड सरकार जल्द ही नये ट्रांसपोर्ट सिस्टम लाने पर विचार कर रही है। जिसके लागू होते ही देवभूमी में भी सिंगापुर और लंदन की तरह Pod Cars दौड़ती नजर आएंगी। बता दें कि यह सिस्टम है पर्सनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम, जिसे देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत भी कह चुके हैं कि दून, हरिद्वार और ऋषिकेश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को लेकर अब पर्सनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (PRT) पर ही बात आगे बढ़ाई जाएगी। यानि अब उत्तराखंड में मेट्रो, एलआरटी या मोनो रेल नहीं Pod Cars दौड़ेंगी।

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आपको बता दें कि पर्सनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (PRT) हाईटेक ट्रैफिक सिस्टम है। जिसमें मारुति 800 के आकार के हाईटेक वाहन 1.2 मीटर के आधार वाले पोल पर टिके 2.1 मीटर के ट्रैक पर दौड़ते दिखाई देते हैं। विदेशों में इसे Pod Cars के तौर पर जाना जाता है। टैक्सी की तरह दिखने वाली छोटी गाड़ियां एक खास ट्रैक पर दिशा-निर्देश के नेटवर्क पर चलती हैं। ये ऐसा पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम है जो ऑर्डर मिलने पर पर्सनल सेवा मुहैया कराता है। विदेशों में ये काफी लोकप्रिय है।

ट्रैफिक कंट्रोल में मिलेगा फायदा

PRT सिस्टम का बड़ा फायदा ये है कि इसके लिए ज्यादा जगह की जरूरत नहीं है। पूरी व्यवस्था एक केंद्रीय सिस्टम से संचालित होगी। इससे भीड़भाड़ वाली जगहों में ट्रैफिक कंट्रोल करने में काफी मदद मिलेगी। जिसके उत्तराखंड में चालू करने के लिए त्रिवेंद्र सरकार तेजी से कार्य कर रही है। इसकी मदद से भीड़भाड़ वाली जगहों पर ट्रैफिक कंट्रोल करने में मदद मिलेगी। 12 जुलाई को एक बैठक होनी है, जिसमें उत्तराखंड में पीआरटी सिस्टम को लेकर विस्तार से चर्चा होगी।

वही सचिवालय में हुई बैठक में देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था पर चर्चा हुई। बैठक में ट्रैफिक व्यवस्था को व्यापक, सरल और सस्ता बनाने के लिए हरिद्वार-ऋषिकेश में पर्सनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम लाने पर विचार हुआ। बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ ही शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक भी मौजूद थे। इन दौरान CM Trivendra Singh Rawat ने कहा कि ट्रांसपोर्ट के लिए पीआरटी पर ही आगे विचार किया जाएगा। 12 जुलाई होने वाली बैठक में प्रोजेक्ट पर चर्चा की जाएगी।

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