drishti haldwani

हल्द्वानी-पिता के हत्यारे बेटे को सात साल की सजा, रिश्तों को झकझोंर दिया था इस वारदात ने

694

हल्द्वानी-पिछले साल सात जनवरी 2018 बेटे द्वारा पिता की हत्याकर शव का घर में गाड़ दिया गया। बाद में पुलिस पूछताछ में बेटे में अपना जुर्म कबूला। इस हत्याकांड में प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार की अदालत ने बेटे को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने मानव वध और साक्ष्य छिपाने की धाराओं बेटे को सात साल की सजा के साथ छह हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।

iimt haldwani

munna lal
बता दें कि रामपुर रोड स्थित जीतपुर नेगी में प्यारेलाल अपनी पत्नी रानी और बेटा मुन्नालाल के साथ रहता था। इस बीच एक दिन प्यारेलाल के अचानक गायब होने की जानकारी मिलने पर रामपुर में रहने वाले उसके छोटे भाई बाबूराम ने कोतवाली थाने में सात जनवरी 2018 को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इस दौरान आशंका जताई कि उसके भाई प्यारेलाल को उसकी पत्नी और बेटे ने मारकर गायब किया है। पुलिस ने इस मामले में बेटे मुन्नालाल को बुलाकर पूछताछ की। कुछ ही देर में बेटा टूट गया। मुन्नालाल ने पिता शव घर के अंदर जमीन में गाड़ दिया और ऊपर से मिट्टी का लेप कर दिया।

haldwani-murder

घटना के बाद बेटा और उसकी मां तख्त लगाकर रोज उसी कमरे में सोते थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया कि सिर में चोट लगने से प्यारेलाल की मौत हुई थी। तत्कालीन कोतवाली थाना प्रभारी एके पांडे ने अदालत में बेटे के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। जिसके बाद अदालत ने धारा 304 (2) और धारा 201 के तहत बेटे को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे सात साल का कठोर कारावास वह अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।