हल्द्वानी- वायरल हुआ यह उत्तराखंडी गीत पहुंचा लाखों के पार, सुनते ही थिरकने लगेंगे आपके पांव

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हल्द्वानी-न्यूज टुडे नेटवर्क-(जीवन राज)-अगर आप वहीं पुराना म्यूजिक सुनकर पक चुके है तो एक बार इस गाने के बोल और म्यूजिक सुनिये। गाना सुनते ही आप अपने आप को थिरकने से नहीं रोक पायेंगे। 17 दिसम्बर को रिलीज हुए इस गाने को लाखों लोग सुन चुके है। नया साल आते -आते इस गाने ने सबको पीछे छोड़ दिया। इस गाने ने मुंबई से लेकर पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों तक धूम मचाई है। आज पहाड़ से लेकर शहर तक हर बच्चे की जुबां पर सिर्फ एक ही गाना है। लाल चुन्नी कुर्ती यो तेरी काली, त्वे देखी सीटी ताली, बजूंछी पूरी थल की बाज़ार, थल की बाजार..। इस गाने ने समूचे उत्तराखंड में धूम मचा रखी है। खास बात यह है कि गायक कलाकार भी नया, चैनल भी नया, म्यूजिक भी नया, एक्टर भी नये और फिर भी दौड़ गया थल की बाजार। इस गाने को अभी तक यू-ट्यूब पर 10 लाख से ज्यादा लोक देख चुके है।

थल की बाजार ने सामंत को बनाया स्टार

मूलरूप से चम्पावत के रहने वाले बीके सामंत ने इस गीत को गाया है। उन्हीं के चैनल श्रीकुवंर इंटरटेनमेंट यू-ट्यूब चैनल से रिलीज हुआ यह गाना लोगों की जुबां पर चढ़ गया है। वही इस गाने को बीके सामंत ने खुद लिखा है। साथ ही म्यूजिक भी खुद ही दिया। युवाओं को यह गाना काफी पसंद आ रहा है। एक नये म्यूजिक के साथ पहली बार गाने को सुनकर युवाओं में इस गाने को सुनने के लिए काफी क्रेज देखने को मिल रहा है। इस गाने ने बीके सामंत को उत्तराखंड की गायकी का एक नया सुपरस्टार बना दिया है। न्यूज टुडे नेटवर्क से खास बातचीत में बीके सामंत ने बताया कि वह मुंबई में रहते है और मूलरूप से चंपावत जिले के रहने वाले है। पहाड़ के प्रति उनका प्यार उनके गानों में देखने को मिलता है। सामंत ने बताया कि इससे पहले उनके गाने यो मेरो पहाड़ आया था। उस गाने को करीब 15 लाख से ऊपर लोगों ने सुना। वही उनके देवताओं को थान भजन ने भी खूब धूम मचाई। शीघ्र उनका नया गाना आने वाला है। सात जनम सात वचन जिसकी शूटिंग चंपावत के कई क्षेत्रों में हो चुकी है। इस गीत में उनका साथ दिया है 2010 में इंडियन आइडल में प्रतिभागी रही कनिका जोशी ने। जो एक बेहतरीन गाना है।

नये प्रयोग बड़ा मुश्किल था-सामंत

सामंत ने बताया कि आज हर राज्य के संगीत अपने चरम पर है लेकिन उत्तराखंड का संगीत वही पुराने रंग में चल रहा है। उन्होंने बताया कि आज हर जगह पंजाबी, तमिल, दक्षिण भारतीय गानों ने खूब धूम मचा रखी है लेकिन उत्तराखंड संगीत के धमक पीछे रह गई है। वह मुंबई में रहकर बालीवुड में काम कर रहे है। उन्होंने कई हिन्दी गाने भी लिखे। मुंबई जैसे महानगर रहने के बावजूद उत्तराखंड के प्रति उनका प्यार और खिंचाव उन्हें यहां के कल्चर को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करता है। इसलिए उन्होंने कुछ नया करने के ठानी। जो उत्तराखंड के लिए एकदम नया है। उनके इस नये प्रयोग को लोगों ने खूब पसंद किया। उनके गानों में कई पुरानी चीजें सामने आयी है। जो आज की पीढ़ी के कलाकारों के मुंह से बहुत कम सुनाई देते है। उन्होंने इस गीत का प्रोमो किया जिससे यह गीत ऐड के तौर पर बीच-बीच में अपने आप चलता रहता है, लेकिन उनका कहना है कि अगर राज्य सरकार सपोर्ट करें तो उत्तराखंड के संगीत को एक नये आयाम पर पहुंचाया जा सकता है। फिलहाल सहयोग न मिलना निराश करता है।

पहाड़ की याद दिलाता है यो मेरो पहाड़ गीत

इससे पहले उनका गाना यो मेरो पहाड़ सुपर-डुपर रहा। जिस तरह से उन्होंने इस गाने को लिखा है। इस गाने को सुनकर आप भी एक बार पहाड़ आने को मजबूर हो जायेंगे। साथ ही इस गाने के अंदर उन्होंने पुराने शब्दों का काफी इस्तेमाल किया है। जिससे यह गाना दिल को छूं जाता है। उन्होंने पुराने नौले-धारे और उडयार यानि (छेद) जैसे पुराने शब्दों हमारे तीज-त्यौहारों का वर्णन इस गीत में किया है। वही थल की बाजार युवाओं को काफी पसंदीदा गीत बन गया। इस गीत में अभिनय किया है पंजाब के दिशांत शर्मा और हिमाचल की तनुजा ठाकुर ने। पहली बार उत्तराखंडी गीत में बाहर के कलाकारों ने अभिनय किया है। इससे भी इस गाने की खनक पंजाब से लेकर हिमाचल तक चल पड़ी है। इस गाने को बालीवुड जगत मेें काम करने वाले बड़े स्टार कलाकरों ने तैयार किया है। कई वर्षों बाद ऐसा गाना सुनने को मिला है जिसकी आपको कई सालों से तलाश थी। तो एक बार आप भी जरूर सुनिये लाल चुन्नी कुर्ती यो तेरी काली, त्वे देखी सीटी ताली, बजूंछी पूरी थल की बाज़ार, थल की बाजार..