हल्द्वानी-अगर बलगम से है परेशान तो डा. पाण्डेय की उपायोंं पर दीजिए खास ध्यान

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Sahas homeopathic- खांसी यूं तो अपने आप में भले ही कोई बीमारी नहीं है पर खांसी बॉडी के अंदर पनप रही दूसरी बीमारियों का लक्षण जरूर है। साहस होम्योपैथिक के विशेषज्ञ डा. एनसी पाण्डेय ने बलगम की जानकारी देते हुए बताया कि कभी-कभी हमारे सांस की नली में बलगम जमा हो जाता है। इससे हमें खांसी शुरू हो जाती है। उन्होंने बताया कि कई बार यह वायरल की वजह से होती है।

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आमतौर यह सिजनेबल होती है और वायरस या निमोनिया की वजह से होती है। गले की खांसी सूखी व बलगम वाली व दोनों हो सकती है। एक में गले में सिर्फ खराश होगी और खांसी नहीं आएगी। दूसरे में खराश के साथ खांसी आएगी। हालांकि जब गले के ऊपरी भाग के एपिग्लोटिस में सूजन आ जाए तब लोग लगातार खांसते हैं और यह खांसी तुरंत नही रुकती है। इसमें सांस फूलने लगती है।

Dr. NC Pandey

डा. पाण्डेय ने बताया कि खांसी में अगर बलगम के साथ सीटी भी बज रही है तो फेफड़ों की खांसी कही जाएगी। अगर बिना बलगम और बिना सीटी के सूखी खांसी है तो यह हार्ट का अस्थमा हो सकता है। कई बार यह पॉल्यूशन की वजह से हो सकता है या फिर जो लोग लगातार स्मोकिंग के कारण भी हो सकते है। उन्होंने बताया कि अस्थमा वाली खांसी रात में बढ़ जाती है। इसमें खांसी के साथ पसीना भी आता है। यह खांसी टीबी और कैंसर की भी वजह हो सकती है। डा. पाण्डेय ने इसे ठीक करने की दवाईयां अपने यू-ट्यूब चैनल के माध्यम से बताया।

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