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हल्द्वानी-मात्र तीन साल में प्रतिष्ठित स्कूलों की श्रेणी में आया शैमफॉर्ड, जानिये कैसे बुलंदियों पर पहुंचा ये स्कूल

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हल्द्वानी-न्यूज टुडे नेटवर्क-शैमफॉर्ड स्कूल हल्द्वानी जैसे शहर में अपने को प्रतिष्ठित स्कूलों की श्रेणी में शामिल हो चुका है। मेधावी छात्रों अपनी कामयाबी से शैमफॉर्ड का नाम और रोशन कर दिया। हर साल शैमफॉर्ड स्कूल कामयाबी के बुलंदियों को छूता जा रहा है। तीन साल पहले हल्द्वानी के मोतीनगर में शुए हुए शैमफॉर्ड स्कूल को अब सीबीएसई से सीनियर सेकेंडरी का दर्जा मिल गया है। यहां के अध्यापकों का छात्रों को पढ़ाने का तरीका इस कामयाबी में चार चांद लगाने का काम करता है। वहीं स्कूल प्रबंधन का अभिभावकों के सारा जबरदस्त तालमेल भी शैमफॉर्ड को सफलता की सीढिय़ा चढ़ता है। हल्द्वानी के अभिभावकों के लिए खुशी की बात यह है कि साल 2019-2020 के सत्र में 11वीं की कक्षा शुरू होने वाली है। साथ स्कूल में विज्ञान, कॉमर्स और आट्र्स स्ट्रीम से भी पढ़ाई होगी।

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सफलता का श्रेय पूरे स्कूल को- बिष्ट

जानकारी देते हुए शैमफॉर्ड स्कूल के एग्जीक्यूटिव डाइरेक्टर राजेश बिष्ट ने न्यूज टुडे नेटवर्क से खास बातचीत में बताया कि स्कूल की इस सफलता का श्रेय एक व्यक्ति को न देकर वह पूरे विद्यालय परिवार को देेते है। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी जैसे शहर में कई नामी स्कूलों के बीच से निकलकर शैमफॉर्ड ने मात्र तीन साल कामयाबी के झंडे गांड दिये है। उन्होंने बताया कि यहां छात्रों की पढ़ाई को लेकर स्कूल प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतता। इसी का नतीजा है कि हमारे स्कूल से एक से बढक़र एक प्रतिभाओं ने नाम कमाया है। उन्होंने बताया कि आज के दौर में शिक्षा के स्तर में लगातार वृद्धि होती जा रही है जिसे हमने चुनौती के रूप में स्वीकार किया और हम उस पर खरे भी उतरे।

छात्रों की नींव मजबूत करते है स्मार्ट टीचर

उन्होंने कहा कि 11वीं के छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करायेंगे। जिससे उन्हे आने वाली चुनौतियों का सामना करने में कोई परेशानी न हो। उन्होंंने कहा कि अगर आपकी नींव मजबूत होगी तो आपका मकान भी मजबूत होगा। ऐसा ही काम शैमफॉर्ड स्कूल कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट टीचिंग से छात्रों को सिखने में आसानी होती है। शैमफॉर्ड बच्चों के पढ़ाई की नींव को मजबूत करने में लगा है। इसी का परिणाम है कि केवल तीन साल में शैमफॉर्ड में लगातार बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है।