drishti haldwani

हल्द्वानी- ये था अमर लोकगायक स्व. पप्पू कार्की का अंतिम अधूरा गीत, पीके चैनल ने किया पूरा तो मची धूम

1695

हल्द्वानी-न्यूज टुडे नेटवर्क-(जीवन राज)- हाल ही में रिलीज हुए कुमाऊंनी गीत सुनू की थाली मा ने इन दिनों खूब धूम मचाई हुई है। यह गीत अमर लोकगायक स्व. पप्पू कार्की के चैनल पीके इंटरनेटमेंट से रिलीज हुआ है। यह गीत अमर लोकगायक स्व. पप्पू कार्की द्वारा अधूरा छोड़ा गया था जिसे लोकगायक संदीप सोनू ने पुरा कर अपनी आवाज दी। इस गीत को आज के दौर के हिसाब से बनाया गया है। जैसा कि अमर लोकगायक स्व. पप्पू कार्की चाहते थे। यह गीत लोकगायक प्रकाश रावत का है जिसे उन्होंने वर्ष 1997 में गाया था। जो उनकी एलबम यो जूनयाली रात का गीत है। उस दौर में भी इस गीत ने खूब धूम मचाई थी। अब आज के युवाओं के हिसाब से इस गीत को लोकगायक संदीप सोनू ने गाया है। इन दिनों यह गीत शादी-विवाह में खूब बज रहा है।

iimt haldwani

गीत सुनने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें-

स्व. कार्की ने किया था आधा रिकॉर्ड

न्यूज टुडे के खास बातचीत में लोकगायक संदीप सोनू ने बताया कि इस गीत के रिकॉडिग की तैयारी अमर लोकगायक स्व. पप्पू कार्की ने 11-6-2018 को की थी लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। उनके इस अधूरे सपने को पूरा करने के लिए पीके इंटरनेटमेंट गुु्रप ने इस गाने को लोकगायक संदीप सोनू से गवाया। संदीप भी अपने गुरू अमर लोकगायक स्व. पप्पू कार्की के सपनों पर खरे उतरे है। लोकगायक प्रकाश रावत के इस गीत के नये अंतरे अमर लोकगायक स्व. पप्पू कार्की और संदीप सोनू ने लिखे। जिस तरह पुराने गानों की मांग बढ़ रही उसी को ध्यान में रखते हुए पीके टीम ने इस गाने को दर्शकों के बीच रखा है जो लोगों को खूब पसंद आ रहा है। इस गाने को अभी तक यू-ट्यूब चैनल पर करीब 19050 लोग सुन चुके हैं। यह गीत स्व. कार्की ने रिकॉर्ड किया था जिसकी ऑडियो पीके चैनल के पास है लेकिन वह साफ नहीं सुनाई दे रही थी जिस कारण इस गीत को संदीप सोनू ने अपनी आवाज दी।

संदीप का नया गीत शीघ्र होगा रिलीज

संदीप सोनू ने अपनी गायकी से उत्तराखंड में लोहा मनावाया है। इससे पहले उनके कई गाने सुपरहिट हो चुके है। शीघ्र ही उनका एक और गीत बोल रितु बोल गाने वाला है। जो एक बेहतरीन गीत है। संदीप अपने गुरू अमर लोकगायक स्व. पप्पू कार्की के सपनों को पूरा करने में जुटे हुए है। वही पीके ग्रुप अमर लोकगायक स्व. पप्पू कार्की की हर अधूरी चीज को आगे बढ़ाने में जुटा हुआ है। इसके लिए जिम्मा खुद स्व. कार्की की पत्नी कविता कार्की, देबू पांगती, संगीतकार नितेश बिष्ट, मोहित रौतेला, भूपेन्द्र सिंह मनोला और संदीप सोनू दिन-रात मेहनत कर रहे है।