iimt haldwani

हल्द्वानी-इस बड़े अस्पताल ने निकाली मरीज की किडनी, हुई मौत इस तरह खुला राज

4107

हल्द्वानी-न्यूज टुडे नेटवर्क- शहर में एक किडनी चोरी का मामला सामने आया है जबकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने इंफेशन के चलते किडनी निकाली। इस दौरान मरीज की मौत हो गई जिसके बाद हंगामा बढ़ गया। जैसे ही इसकी सूचना परिजनों को लगी तो वह अस्पताल में पहुंच गये। परिजनों ने अस्पताल पर किडनी चोरी का आरोप लगाया। हंगामे के बाद पुलिस अस्पताल में तैयार कर दी गई। बताया जा रहा है कि मरीज को लेकर कोई और महिला आयी थी इससे परिजन गुस्से में है कि बिना उनकी इजाजत के कैसे ऑपरेशन कर दिया गया। जबकि मरीज शहर के किसी और अस्पताल से ही इलाज करा रहा था। आज वह सांई अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि नरेंद्र सिंह रावत की एक किडनी में मवाद भरा होने के कारण आपरेशन किया गया था। जब उसने पूछा कि आपरेशन के लिए सहमति पत्र पर किसने हस्ताक्षर किए तो पता चला कि किसी सतेश्वरी रावत व उसके भाई सुरजीत रावत ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। सुनील का कहना है कि सतेश्वरी और सुरजीत से उनका कोई संबंध नहीं है। जिसके बाद अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया।

amarpali haldwani

किडनी निकालने के दौरान हुई मौत

देवलचौड़ निवासी नरेन्द्र सिंह रावत लंबे समय से बीमार चल रहा था शहर के एक बड़े अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था लेकिन इसके बाद उसके परिजन महिला उसे शहर के सांई अस्पताल में इलाज के लिए ले गई। जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसकी किडनी में इनफेक्शन है। और किडनी निकाली पड़ेगी जिसके बाद डॉक्टरों ने उसकी किडनी निकाल दी इस दौरान मरीज की मौत हो गई। जब देवचौड़ स्थित परिजनों को इस बात की भनक लगी तो वह अस्पताल में पहुंचे और अस्पताल में महिला के साथ किडनी चोरी का आरोप लगाया। मृतक के भाई सुनील कुमार रावत ने आरोप ने लगाया है कि उसके भाई नरेंद्र सिंह रावत कल आंख में परेशानी को दिखाने के लिए चिकित्सालय जाने के नाम पर निकला था। लेकिन आज उसे अस्पताल से फोन आया कि उसके भाई की आपरेशन के बाद मौत हो गई है। इसके बाद सभी लोग अस्पताल पहुंचे।

परिजनों ने लगाया किडनी चोरी का आरोप

वही इस मामले में सतेश्वरी का कहना है कि नरेंद्र को दो अस्पतालों सें इलाज चल रहा था। वह अकेला ही चिकित्सालय में उपचार के लिए पहुंचा था, जब चिकित्सकों ने उससे परिजनों को बुलाने के लिए कहा तो उसने सुरजीत को फोन करके बुलाया। इसके बाद सुरजीत से सतेश्वरी को अस्पताल बुलाया। दोनों ने ही नरेंद्र को अस्पताल ले गये। आपरेशन के बाद नरेंद्र की मृत्यु हो गई। आज अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों ने सतेश्वरी को चिकित्सालय में ही कुछ देर के लिए बंधक भी बना लिया। जिसे बाद में पुलिस ने लोगों को समझा बुझा कर छुड़ाया। फिलहाल नरेंद्र के भाई या किसी अन्य परिजन ने पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है। वही डॉक्टरों का कहना है कि किडनी में इंफेक्शन होने की कारण पस भर चुका था इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके सारे कागज हमारे पास है। उन्होंने साफ कहा कि कोई किडनी चोरी नहीं की गई है। जबकि परिजन किडनी चोरी का आरोप लगा रहे है। वही सूत्रों की माने तो मृतक नरेन्द्र पिछले छह महीने से अपनी परिवार से अलग रहा था।