हल्द्वानी- गौलापार में मां की हत्या के पीछे का ये है कड़वा सच! पिता ने अपनी ही औलाद के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा

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Haldwani Gaulapar Murder, हल्द्वानी के गौलापार में बेटे द्वारा की गई मां की निर्मम हत्या से हर कोई दंग है। पुलिस ने हत्यारे बेटे को गिरफ्तार कर न्यायलय में पेश कर जेल भेज दिया है। बेटे के खिलाफ मां की हत्या का मुकदमा खुद पिता द्वारा कोतवाली में दर्ज कराया गया। वही हत्या की असल वजह अभी सामने नहीं आई है।

बताया जा रहा है कि उदयपुर रैक्वाल गांव निवासी आरोपी डिगर सिंह कोरंगा सूखे नशे का आदी था। वह चरस, भांग व अन्य सूखे नशे का सेवन करता था। नशे के ओवरडोस के चलते उसका दिमागी संतुलन भी ठीक नहीं था। पड़ोसियों और आरोपी के पिता के अनुसार वह या तो एक दम शांत रहता था, या कभी आक्रोशित होने पर हिंसक बन जाता था।

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Gaula paar murder jaunaki devi

देहरादून फाेरेंसिक लैब में जांचे जाएंगे रक्त नमूने

फिलहाल मामले में पुलिस कार्यवाई जारी है। पुलिस हत्यारोपित बेटे के खून से सने कपड़े, हत्या में इस्तेमाल की गई दराती व मौके पर मिले अन्य महत्वपूर्ण शेष को देहरादून भेजे जाएंगे। पुलिस जानकारी मुताबिक आरोपित डिगर को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।

इसके साथ ही डिगर को न्यायालय से सख्त सजा दिलवाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। डिगर के कपड़ों व दराती में मिले खून का जमुती देवी के खून से मिलान कराया जाएगा। जांच के लिए रक्त के नमूनों को फोरेंसिक लैब देहरादून भेज दिया गया है। इसकी रिपोर्ट आते ही आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिए जाएंगे।

मां के किए दो टुकड़े

ज्ञात हो गौलापार के उदयपुर रैक्वाल गांव में नवमी के दिन दिल दहलाने वाली घटना सामने आई थी। गांव में रहने वाले युवक डिगर सिंह कोरंगा ने अपनी वृद्ध मां जमुती कोरंगा की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्यारोपित के सिर पर इतना खून सवार था कि उसने मां का गला दराती से काटकर धड़ से अलग कर दिया था। यही नहीं उसने पकडऩे के दौरान ग्रामीण को भी कुल्हाड़ी से हमला कर व दांत काटकर जख्मी कर दिया था।

हत्यारोपित बेटा सूखे नशे का आदी था जिसके कारण उसका दिमागी संतुलन भी ठीक नहीं था। बता दें कि हल्द्वानी में नशे की लत युवाओं को न केवल अंदर से खोकला कर रही है। वल्की उनको खुंकार भी बना रही है। इसे पूर्व में भी नशेड़ियों द्वारा हमले के कई मामले प्रकाश में आचुके है। लेकिन इन नशे के सौदागरों पर नकेल कस पाना पुलिस के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।

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