हल्द्वानी-पहले ही दिन वायरल हुआ ये देशभक्ति गीत, गाने के बोल सुनकर छलक उठेंगी हर किसी की आंखें

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हल्द्वानी-न्यूज टुडे नेटवर्क-(जीवन राज)-उत्तराखंड के सुर सम्राट स्व. गोपाल बाबू गोस्वामी के सुपुत्र सुपरस्टार लोकगायक रमेश बाबू गोस्वामी का एक देशभक्ति गीत आज रिलीज हुआ है। गोपुली गाने से उत्तराखंड की गायकी में धमाल मचाने वाले सुपरस्टार लोकगायक रमेश बाबू गोस्वामी इस बार हिन्दी गाने से देश के वीरों का आह्वान किया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी उत्तराखंडी लोकगायक ने हिन्दी भाषा में गीत गाया है। इस गीत के कणप्रिय स्वर आपके अंदर की देशभक्ति को उजागर कर देंगे। रमेश बाबू की आवाज ने इस गीत चार चांद लगाने का काम किया। आज उनके चैनल (गोपाल बाबू गोस्वामी) आरबीजी से सौगंध मुझे इस मिट्टी की देशभक्ति गीत रिलीज हुआ है। इस गीत में उन्होंने एक फौजी के दिल की बात बयां की है। गीत को स्वंय रमेश बाबू गोस्वामी ने लिखा है। म्यूजिक चंदन, रिकॉडिंग सागर सिलौड़ी ने की है। इस गीत के बोल आपकी देशभक्ति की भावना के आंसू के रूप में उजागर कर देंगे। एक बार आप भी जरूर सुने यह देशभक्ति गीत।

मेरा गीत फौजी भाइयों को समर्पित- रमेश बाबू

न्यूज टुडे नेटवर्क से साथ बातचीत में सुपरस्टार लोकगायक रमेश बाबू गोस्वामी ने बताया कि लंबे समय से एक देशभक्ति गीत लोगों के बीच लाने की ख्वाहिश थी। पुलवामा हमले ने उनको अंदर से झकझोर दिया। इसलिए उन्होंने इस बार पहाड़ी गाने न गाकर, हिन्दी में गाना गाने की सोची। जिससे मेरे अंदर का वो दर्द जो हर देशवासी के अंदर है। हिन्दी भाषा के माध्यम से लोगों तक पहुंच सकें। ये गीत मेरा भारतीय सेना को समर्पित है। जो दिन-रात हमारी रक्षा के लिए बॉडर पर खड़ी है। उन्ही फौजी भाइयों का दर्द भी मैंने अपने गीत के माध्यम से देश के सामने रखा। रमेश बाबू ने कहा कि मैं उन माता-पिता, बहनों को सलाम करता हूूं। जिन्होंने अपने दिल के टुकड़े को देश रक्षा के न्योछावर कर दिया और उन माता-पिता, बहनों का मैं सदा ऋणी रहूंगा जो लगातार अपने बेटों को सेना में भेज रहे है। उन्हें शत् शत् नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि देश का कोई भी व्यक्ति कोई भी कार्य करें वह उससे देश का नाम रोशन करें। इससे हमारा देश आगे बढ़ेगा। जो विश्व में एक अलग-अलग पहचान बनायेगा। इस गीत के अंतरे अपके रोंगटे खड़े कर देंगे।

रमेश बाबू ने जगाई लोगों के अंदर की देशभक्ति

अपने पहले की प्रयास में ये खूबसूरत देशभक्ति गीत गाकर रमेश बाबू ने उत्तराखंड ही नहीं पूरे देशवासियों का दिल जीता है। वह पहले कुमाऊंनी गायक है जिन्होंने हिन्दी में गाना गाया। इस गीत को सुनते ही आपके आंखों से आंसू निकल आयेंगे। बॉर्डर, एलओसी के अलावा कई बॉलीवुड फिल्मों के गीतों ने पूरे देश का दिल जीता था। लेकिन उसके बाद बॉलीवुड लोगों को देशभक्ति गीत सुनाने में पीछे रहा, देश के लोगों के मन की वो कसक रमेश बाबू गोस्वामी ने इस गीत को गाकर पूरी की है। एक समय था जब उनके पिता स्व. गोपाल बाबू की गायकी का दिवाना बॉलीवुड हुआ था, तब बॉलीवुड ने उन्हें हिन्दी गीत गाने का ऑफर दिया था लेकिन गोपाल बाबू ने कहा था कि वह केवल देवभूमि के लिए उसकी भाषा में गायेंगे। वही तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी को गोपाल बाबू का गीत इतना पसंद आया कि उन्होंने गोपाल बाबू को पत्र भेजकर उनके गीत तारीफ करते हुए उनका धन्यवाद प्रकट किया। इस हिन्दी गीत से रमेश बाबू ने एक बार फिर बॉलीवुड आकर्षित किया है।

दुनियां भर में पिता का नाम किया रोशन

इससे पहले उनके गोपुलि गाने ने देश ही नहीं विदेशों में रह रहे प्रवासियों को भी खूब थिरकाया। यू-ट्यूब पर इस गाने को करीब 58 लाख से भी ज्यादा लोगों ने सुना है। जिस तरह से काफी कम समय में रमेश बाबू ने यह मुकाम हासिल किया है। यह कही न कही उनकी विरासत कर हिस्सा भी है। उनके पिता उत्तराखंड के सुर सम्राट स्व. गोपाल बाबू गोस्वामी कई दर्शकों तक उत्तराखंड के संगीत जगत में राज किया। आज उनकी विरासत को उनके बेटे ने बखूबी संभाला। ऐसा कम ही देखने को मिलता है कि एक बेटा पिता की विरासत को संभालते हुए देश-दुनियां में अपना नाम कमाये, लेकिन रमेश बाबू ने ये सब किया। अपने पिता के गीतों को नई पीढ़ी के आगे नये रूप में पेश कर अपना नाम ही नहीं, अपने पिता का नाम भी नई पीढ़ी की जुबान पर ला दिया। जिस तरह से उन्होंने यह देशभक्ति गीत गाया है। इससे साफ होता है कि आने वाले समय में रमेश बाबू की आवाज हमें बॉलीवुड में सुनाई देंगी।